📚 राजस्थान का शहरीकरण एवं नगरीय विकास — Solution BookletCtrl+P → Save as PDF
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📚 राजस्थान का शहरीकरण एवं नगरीय विकास
विषय: GK & GS Paper अंक: 35 समय: 35 Minutes कुल प्रश्न: 35 व्याख्या: 35 / 35 दिनांक: Batch: RAS FOUNDATION COURSE
1
संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक सतत विकास रिपोर्ट (UN Global Sustainable Development Report, 2023) के अनुसार वैश्विक संदर्भ में शहरीकरण से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(A) विश्व की 40% से कम जनसंख्या शहरों में निवास करती है।
(B) वर्ष 2050 तक शहरों में निवास करने वाली जनसंख्या का अनुपात बढ़कर 66.66% होने का अनुमान है।
(C) शहर और महानगरीय क्षेत्र वैश्विक जीडीपी (GDP) में केवल 20% का योगदान देते हैं।
(D) शहरी विकास हेतु 3R रणनीति (Reduce, Reuse, Recycle) अपनाई गई है।
📝 व्याख्या (Explanation)
संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक सतत विकास रिपोर्ट 2023 के अनुसार वर्तमान में विश्व की आधे से अधिक जनसंख्या शहरों में निवास करती है तथा वर्ष 2050 तक यह अनुपात बढ़कर 66.66% होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। टिकाऊ शहरी विकास के लिए वैश्विक जीडीपी में लगभग 80% योगदान देने वाले शहरों में अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 5R रणनीति (Reduce, Reuse, Recycle, Remove, Recover) को अपनाया गया है। 'विकसित राजस्थान @ 2047' विज़न के तहत राज्य सरकार ने शहरी नियोजन, नागरिक सुविधाओं एवं स्मार्ट परिवहन को प्राथमिकता दी है। विकल्प A गलत है क्योंकि वर्तमान में आधी से अधिक आबादी शहरी है; विकल्प C गलत है क्योंकि जीडीपी योगदान 80% है; तथा विकल्प D गलत है क्योंकि 3R नहीं बल्कि 5R रणनीति स्वीकृत की गई है।
2
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान में शहरी जनसंख्या एवं शहरीकरण के स्तर से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. वर्ष 2011 में राजस्थान की कुल जनसंख्या में शहरी जनसंख्या का हिस्सा 24.87% था। B. राज्य का सर्वाधिक शहरीकृत जिला कोटा (60.31%) तथा न्यूनतम शहरीकृत जिला डूंगरपुर (6.39%) है। C. जनसंख्या की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा शहर जयपुर (30.46 लाख) और सबसे छोटा शहर बांसवाड़ा (1.01 लाख) है। D. वर्ष 2001 से 2011 के मध्य राजस्थान की शहरी जनसंख्या 132 लाख से बढ़कर 170 लाख हो गई।
(A) केवल A और B
(B) केवल B और C
(C) A, B, C एवं D सभी
(D) केवल A, C एवं D
📝 व्याख्या (Explanation)
जनगणना 2011 के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार राजस्थान में कुल 6.85 करोड़ जनसंख्या में से 1.70 करोड़ (24.87%) लोग शहरी क्षेत्रों में निवास करते थे, जो वर्ष 2001 में 1.32 करोड़ (16.28%) थे। राज्य में सर्वाधिक शहरीकरण कोटा जिले में (60.31%) दर्ज किया गया, इसके बाद जयपुर (52.40%) और अजमेर (40.08%) का स्थान है, जबकि सबसे कम शहरी आबादी डूंगरपुर (6.39%), बाड़मेर (6.98%) और बांसवाड़ा (7.10%) में पाई गई। शहरों की जनसंख्या के लिहाज से जयपुर 30.46 लाख आबादी के साथ शीर्ष पर तथा बांसवाड़ा 1.01 लाख आबादी के साथ सबसे कम शहरी आबादी वाला शहर है। अतः दिए गए चारों कथन A, B, C और D पूर्णतः सत्य हैं।
3
राजस्थान के सर्वाधिक शहरीकृत जिलों को उनके घटते शहरीकरण प्रतिशत (जनगणना 2011) के आधार पर सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. कोटा B. जयपुर C. अजमेर D. जोधपुर सूची-II: 1. 52.40% 2. 34.30% 3. 60.31% 4. 40.08%
(A) A-3, B-1, C-4, D-2
(B) A-1, B-3, C-2, D-4
(C) A-3, B-4, C-1, D-2
(D) A-2, B-1, C-3, D-4
📝 व्याख्या (Explanation)
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान के सर्वाधिक शहरीकृत जिलों का सही क्रम कोटा (60.31%), जयपुर (52.40%), अजमेर (40.08%), जोधपुर (34.30%) तथा बीकानेर (33.86%) है। कोटा राज्य का एकमात्र जिला है जहाँ की 60% से अधिक आबादी शहरों में रहती है, जो कि औद्योगिक तथा शैक्षणिक केंद्र के रूप में इसके त्वरित विस्तार को दर्शाता है। राजधानी जयपुर में प्रशासनिक और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण 52.40% शहरीकरण पाया जाता है। अजमेर मध्य राजस्थान का प्रमुख धार्मिक-शैक्षणिक केंद्र होने से 40.08% तथा जोधपुर पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख संभागीय केंद्र होने के कारण 34.30% शहरी आबादी समेटे हुए है। इसलिए विकल्प A का मिलान (A-3, B-1, C-4, D-2) सही उत्तर है।
4
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान के शहरी लिंगानुपात के संदर्भ में कौन-सा युग्म (सर्वाधिक एवं न्यूनतम शहरी लिंगानुपात वाले जिले) सही है?
(A) टोंक (सर्वाधिक) - जैसलमेर (न्यूनतम)
(B) बांसवाड़ा (सर्वाधिक) - धौलपुर (न्यूनतम)
(C) डूंगरपुर (सर्वाधिक) - अलवर (न्यूनतम)
(D) नागौर (सर्वाधिक) - गंगानगर (न्यूनतम)
📝 व्याख्या (Explanation)
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान का समग्र शहरी लिंगानुपात 914 (प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाएँ) दर्ज किया गया था, जो ग्रामीण लिंगानुपात (933) की तुलना में कम है। जिलों के स्तर पर देखें तो राज्य में सर्वाधिक शहरी लिंगानुपात टोंक जिले में (985) रिकॉर्ड किया गया, जिसके बाद क्रमशः बांसवाड़ा (964), प्रतापगढ़ (963) और डूंगरपुर (951) का स्थान आता है। दूसरी ओर, न्यूनतम शहरी लिंगानुपात जैसलमेर जिले में मात्र 807 दर्ज किया गया, तथा धौलपुर (864) व अलवर (872) दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। विकल्प B, C और D गलत हैं क्योंकि वे शीर्ष स्थान वाले टोंक और न्यूनतम स्थान वाले जैसलमेर के सही संयोजन को प्रदर्शित नहीं करते हैं।
5
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान में शहरी साक्षरता दर तथा बाल लिंगानुपात के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राजस्थान की कुल शहरी साक्षरता दर 79.70% है, जो ग्रामीण साक्षरता (61.40%) से अधिक है। B. राज्य में सर्वाधिक शहरी साक्षरता दर उदयपुर (87.5%) तथा न्यूनतम शहरी साक्षरता नागौर (70.6%) में दर्ज की गई। C. राजस्थान का शहरी बाल लिंगानुपात (0-6 वर्ष) 874 है। D. सर्वाधिक शहरी बाल लिंगानुपात धौलपुर में तथा न्यूनतम नागौर में पाया जाता है।
(A) केवल A और D
(B) केवल A, B और C
(C) केवल B, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की कुल साक्षरता दर 66.11% थी, जिसमें शहरी साक्षरता 79.70% तथा ग्रामीण साक्षरता 61.40% रही। सर्वाधिक शहरी साक्षरता उदयपुर जिले में (87.5%) पाई गई, जबकि न्यूनतम शहरी साक्षरता नागौर जिले में (70.6%) रही। राज्य का शहरी बाल लिंगानुपात (0-6 वर्ष) 874 दर्ज हुआ। कथन D असत्य है क्योंकि सर्वाधिक शहरी बाल लिंगानुपात नागौर जिले में (907) तथा न्यूनतम धौलपुर जिले में (841) दर्ज किया गया था, न कि इसके विपरीत। अतः केवल कथन A, B और C ही सही हैं।
6
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान में ग्रामीण से शहरी प्रवासन (Migration) के मुख्य कारणों के संदर्भ में पुरुषों तथा महिलाओं के लिए प्राथमिक कारण क्रमशः क्या हैं?
(A) पुरुषों के लिए विवाह तथा महिलाओं के लिए रोजगार
(B) पुरुषों के लिए रोजगार (49.16%) तथा महिलाओं के लिए विवाह (59.11%)
(C) पुरुषों एवं महिलाओं दोनों के लिए शिक्षा
(D) पुरुषों के लिए व्यवसाय तथा महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं
📝 व्याख्या (Explanation)
जनगणना 2011 के प्रवासन आँकड़ों के अनुसार भारत तथा राजस्थान दोनों में ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर होने वाले प्रवासन के अलग-अलग प्रमुख सामाजिक-आर्थिक कारण हैं। राजस्थान में पुरुषों के प्रवासन का सबसे बड़ा प्राथमिक कारण आर्थिक गतिविधियों/रोजगार की तलाश है, जो कुल पुरुष प्रवासन का 49.16% हिस्सा बनाता है। वहीं दूसरी ओर, महिलाओं के प्रवासन का सबसे बड़ा कारण सामाजिक-पारंपरिक रीति-रिवाज अर्थात विवाह है, जो कुल महिला प्रवासन का 59.11% है। राष्ट्रीय स्तर पर भारत से कुल 794 लाख प्रवासन में राजस्थान का योगदान 32 लाख (लगभग 4%) रहा है। इसलिए विकल्प B सही उत्तर प्रस्तुत करता है।
7
आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार राजस्थान में मलिन बस्तियों (Slums) की स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं? A. राजस्थान में स्लम की पहचान के लिए 300 लोगों या 60-70 परिवारों का मापदंड अपनाया गया है। B. राज्य में स्लम के विकास का मुख्य कारण तीव्र शहरीकरण और ग्रामीण-शहरी प्रवासन है। C. राजस्थान में स्लम पुनर्विकास के लिए 'मुख्यमंत्री जन आवास योजना' प्रभावी है। D. राज्य के कुल शहरी जनसंख्या का लगभग 10-12% हिस्सा स्लम में निवास करता है।
(A) केवल A और B
(B) केवल C और D
(C) केवल A, B और C
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार स्लम उन घने और अव्यवस्थित क्षेत्रों को माना जाता है जहाँ कम से कम 300 लोग या 60-70 परिवार बुनियादी सुविधाओं के बिना रहते हैं। राज्य में शहरीकरण के साथ स्लम की समस्या बढ़ी है, जिसके समाधान हेतु विभिन्न आवास योजनाएं संचालित हैं। (नोट: परीक्षा के लिए नवीनतम डेटा का मिलान करें)।
8
सूची-I (विकास प्राधिकरण) को सूची-II (गठन वर्ष) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: A. जयपुर, B. जोधपुर, C. अजमेर, D. उदयपुर सूची-II: 1. 2013, 2. 2009, 3. 1982, 4. 2023
(A) A-3, B-2, C-1, D-4
(B) A-1, B-3, C-4, D-2
(C) A-3, B-1, C-2, D-4
(D) A-2, B-4, C-1, D-3
📝 व्याख्या (Explanation)
जयपुर (1982), जोधपुर (2009), अजमेर (2013), उदयपुर (2023)। भरतपुर व बीकानेर विकास प्राधिकरणों को मार्च 2024 में वैधानिक दर्जा दिया गया है।
9
राजस्थान नगर सुधार न्यास अधिनियम (UIT Act) 1959 के तहत राज्य में वर्तमान में कितने नगर सुधार न्यास (Urban Improvement Trusts - UITs) कार्यरत हैं?
(A) 7
(B) 10
(C) 12
(D) 15
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में शहरी निकायों के विकास की दृष्टि से विकास प्राधिकरणों (DAs) के अतिरिक्त छोटे और मध्यम शहरों में नगर सुधार न्यास (Urban Improvement Trusts - UITs) का गठन राजस्थान नगर सुधार अधिनियम, 1959 के तहत किया गया है। वर्तमान में राज्य में कुल 12 UITs कार्यरत हैं, जिनमें अलवर, आबू, बाड़मेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जैसलमेर, पाली, श्रीगंगानगर, सीकर, सवाई माधोपुर, बालोतरा और दौसा-बांदीकुई शामिल हैं। जब किसी शहर का तेजी से विस्तार होता है तो उसे UIT से विकास प्राधिकरण (जैसे हाल ही में कोटा, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर) में क्रमोन्नत कर दिया जाता है। विकास प्राधिकरणों का नेतृत्व आमतौर पर एक आईएएस (कमिश्नर/सीईओ) करते हैं जबकि यूआईटी की अध्यक्षता प्रायः जिला कलेक्टर करते हैं।
10
राजस्थान रेरा (RERA) एवं रेरा अपीलीय अधिकरण (REAT) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. केंद्र सरकार का रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट वर्ष 2016 में पारित हुआ तथा राजस्थान में इसे 1 मई 2017 से लागू किया गया। B. राजस्थान में RERA तथा REAT (Real Estate Appellate Tribunal) का विधिवत गठन 6 मार्च 2019 को किया गया। C. RERA का वेब पोर्टल rera.rajasthan.gov.in 1 मई 2017 से संचालित है। D. RERA का मुख्य उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, कुशलता एवं ग्राहकों के हितों का संरक्षण करना है।
(A) केवल A और B
(B) केवल C और D
(C) केवल B, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
रियल एस्टेट सेक्टर को सुव्यवस्थित करने तथा बिल्डरों व खरीदारों के मध्य पारदर्शिता स्थापित करने के उद्देश्य से संसद ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 लागू किया। राजस्थान सरकार ने राजस्थान रियल एस्टेट नियम 2017 बनाए और 1 मई 2017 को राज्य का पोर्टल rera.rajasthan.gov.in लॉन्च किया। राज्य में RERA प्राधिकरण तथा अपीलीय अधिकरण (REAT) का औपचारिक गठन 6 मार्च 2019 को हुआ। RERA का प्राथमिक ध्येय अचल संपत्ति क्षेत्र को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और समयबद्ध बनाना है ताकि खरीदारों को वित्तीय धोखाधड़ी और विलंब से बचाया जा सके। अतः सभी चारों कथन पूर्णतः सही हैं।
11
राजस्थान आवासन मंडल (Rajasthan Housing Board - RHB) की स्थापना किस वर्ष हुई थी तथा इसका मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(A) 1959 - जोधपुर
(B) 1970 - जयपुर
(C) 1982 - कोटा
(D) 2009 - अजमेर
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान आवासन मंडल (RHB) की स्थापना 24 फरवरी 1970 को राजस्थान आवासन मंडल अधिनियम (अधिनियम संख्या 4, 1970) के तहत की गई थी। इसका मुख्यालय जयपुर में स्थित है तथा राज्य भर में इसके 6 वृत्त (Circle Offices) - जयपुर, जोधपुर, अलवर, कोटा, उदयपुर एवं बीकानेर में कार्य कर रहे हैं। आवासन मंडल आमजन को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा प्रदान करता है। RHB द्वारा आवासों की गुणवत्ता की ऑनलाइन निगरानी हेतु 'सजक' (Sajag) मोबाइल ऐप शुरू किया गया है तथा संपत्तियों के त्वरित पारदर्शी निपटान हेतु 'बुधवार नीलामी उत्सव' (e-Bid द्वारा 156 आसान किस्तों पर 50% छूट) जैसी लोकप्रिय योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
12
10 दिसंबर 2025 को लागू की गई 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी' (TOD Policy) के संदर्भ में कौन-से कथन सत्य हैं? A. TOD नीति का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन और भूमि उपयोग के एकीकरण से टिकाऊ और सघन (Compact) शहरी विकास को बढ़ावा देना है। B. इस नीति का प्रभाव मेट्रो अथवा रैपिड ट्रांजिट स्टेशनों के 500 से 800 मीटर के प्रभाव क्षेत्र (Radius) में लागू होता है। C. TOD क्षेत्रों में उच्च बिल्ट-अप रेश्यो (BUR/FAR) की अनुमति अवसंरचना क्षमता के अनुसार दी जाती है। D. इसका मुख्य फोकस पैदल यात्रियों, गैर-मोटर चालित परिवहन और लास्ट मील कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने पर है।
(A) केवल A और C
(B) केवल B और D
(C) केवल A, B और C
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
राज्य सरकार द्वारा 10 दिसंबर 2025 को स्वीकृत 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी' शहरी परिवहन और भू-उपयोग नियोजन में क्रांतिकारी बदलाव लाती है। यह नीति मेट्रो, बीआरटीएस या प्रमुख बस कॉरिडोर स्टेशनों के 500-800 मीटर के दायरे में उच्च घनत्वयुक्त, मिश्रित भू-उपयोग (व्यावसायिक + आवासीय) विकास को बढ़ावा देती है। इसमें उच्च FAR/BUR प्रदान करके बहुमंजिला इमारतों की अनुमति दी जाती है ताकि लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करें और निजी वाहनों पर निर्भरता घटे। इस नीति में पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों (Non-Motorized Transport) तथा लास्ट मील कनेक्टिविटी पर विशेष बल दिया गया है। इसलिए सभी चारों कथन A, B, C और D पूर्णतः सत्य हैं।
13
राजस्थान की हालिया शहरी नीतियों एवं योजनाओं को उनकी लागू/अधिसूचना तिथियों से सुमेलित कीजिए: सूची-I: A. राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024 B. राजस्थान लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 C. राजस्थान ट्रांसपोर्ट फंड की स्थापना D. TOD पॉलिसी (Transit Oriented Development) सूची-II: 1. 10 दिसंबर 2025 2. 17 जुलाई 2025 3. 2011-12 4. UIT रूल्स 1974 के तहत (2025)
(A) A-2, B-4, C-3, D-1
(B) A-1, B-3, C-2, D-4
(C) A-2, B-3, C-4, D-1
(D) A-4, B-2, C-1, D-3
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में शहरी नियोजन हेतु विभिन्न नीतियां लागू की गई हैं। नगरीय विकास विभाग द्वारा 'राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024' की अधिसूचना 17 जुलाई 2025 को जारी की गई, जिसका उद्देश्य संतुलित शहरी विस्तार एवं सतत विकास है। 'राजस्थान लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी-2025' को नगर सुधार न्यास नियम 1974 के अंतर्गत सभी नगरीय निकायों व प्राधिकरणों पर लागू किया गया। कुशल एवं प्रदूषण मुक्त शहरी परिवहन हेतु 'राजस्थान ट्रांसपोर्ट फंड' की स्थापना बजट 2011-12 में हुई थी, जबकि सघन परिवहन विकास हेतु 'TOD पॉलिसी' 10 दिसंबर 2025 को लागू की गई। अतः विकल्प A (A-2, B-4, C-3, D-1) सही मिलान दर्शाता है।
14
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (National Capital Region - NCR) में शामिल राजस्थान के उप-क्षेत्रों (Sub-regions) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राजस्थान के भरतपुर, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और डीग जिले NCR sub-region में शामिल हैं। B. NCR क्षेत्रों के विकास के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB, नई दिल्ली) द्वारा वित्तीय सहायता दी जाती है। C. खैरथल कस्बे का ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 अधिसूचित किया गया है तथा संशोधित मास्टर प्लान-2047 प्रस्तावित है। D. भरतपुर जिले के रूपवास कस्बे का ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 NCR सेल द्वारा तैयार किया गया है।
(A) केवल A और B
(B) केवल C और D
(C) केवल A, B और C
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
दिल्ली के आसपास संतुलित विकास हेतु गठित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में राजस्थान के पूर्वी जिलों का भाग शामिल है। नए पुनर्गठित जिलों के बाद अब अलवर, भरतपुर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ तथा डीग जिले राजस्थान के NCR उप-क्षेत्र का हिस्सा हैं। इन क्षेत्रों में अवसंरचना विकास हेतु नई दिल्ली स्थित NCR Planning Board वित्तीय सहयोग देता है। NCR सेल द्वारा खैरथल का ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 (संशोधित MP-2047 प्रस्तावित) तथा भरतपुर के रूपवास कस्बे का ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 तैयार किया गया है। राज्य में कुल 300 नगरीय निकायों में से 194 के मास्टर प्लान अनुमोदित किए जा चुके हैं। अतः सभी चारों कथन A, B, C और D पूर्णतः सही हैं।
15
बजट 2026-27 के अनुसार राजस्थान में जिला स्तर तक शहरी मास्टर प्लान तैयार करने का कार्य किस संस्था/संस्थान के माध्यम से किया जाएगा?
(A) JDA (जयपुर विकास प्राधिकरण)
(B) RITI (Rajasthan Institution for Transformation & Innovation)
(C) RUDF (Rajasthan Urban Development Fund)
(D) HUDCO
📝 व्याख्या (Explanation)
बजट 2026-27 की घोषणा के अनुसार राज्य में शहरी क्षेत्रों के दीर्घकालिक नियोजन और समन्वित विकास हेतु 'RITI' (Rajasthan Institution for Transformation & Innovation) के माध्यम से शहरी निकाय क्षेत्र से लेकर जिला स्तर तक एकीकृत 'मास्टर प्लान' तैयार किए जाएँगे। मास्टर प्लान किसी भी शहर के 20 वर्षों के विकास का विज़न और कानूनी ढाँचा होता है। इसके साथ ही बजट 2026-27 में UIT सीकर के नवीन कार्यालय भवन हेतु ₹10 करोड़ तथा UIT दौसा-बांदीकुई का मास्टर प्लान तैयार करने हेतु ₹5 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। विकल्प A, C और D असत्य हैं क्योंकि मास्टर प्लान की यह जिला स्तरीय पहल RITI को सौंपी गई है।
16
जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के चरण-I (Phase-I) के मार्गों, तिथियों तथा वित्तीय प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. चरण 1A (मानसरोवर से चाँदपोल) का वाणिज्यिक शुभारंभ 3 जून 2015 को ₹2,023 करोड़ की लागत से हुआ। B. चरण 1B (चाँदपोल से बड़ी चौपड़) का शुभारंभ 23 सितंबर 2020 को हुआ, जिसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। C. चरण 1C (चाँदपोल से ट्रांसपोर्ट नगर) की अनुमानित लागत ₹1,511 करोड़ है। D. चरण 1D (मानसरोवर से अजमेर रोड चौराहा) की लागत ₹222 करोड़ स्वीकृत है तथा DPR दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा तैयार की गई।
(A) केवल A और B
(B) केवल C और D
(C) केवल A, B और C
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (JMRC) द्वारा संचालित जयपुर मेट्रो के प्रथम चरण के चार भाग हैं। Phase-1A (मानसरोवर-चाँदपोल) 3 जून 2015 को राज्य वित्त से चालू हुआ। Phase-1B (चाँदपोल-बड़ी चौपड़ भूमिगत) 23 सितंबर 2020 को चालू हुआ, जिसमें ADB से ₹810 करोड़ का ऋण प्राप्त हुआ। विस्तारित Phase-1C (चाँदपोल से ट्रांसपोर्ट नगर, लागत ₹1,511 करोड़) तथा Phase-1D (मानसरोवर से अजमेर रोड 200 फीट बाईपास चौराहा, लागत ₹222 करोड़) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) DMRC द्वारा तैयार की गई है। इस प्रकार चारों कथन A, B, C और D पूर्णतः सही हैं।
17
बजट 2026-27 की नवीन घोषणा के अनुसार प्रस्तावित 'जयपुर मेट्रो Phase-II' का मार्ग एवं अनुमानित लागत क्या रखी गई है?
(A) सीतापुरा से अंबाबाड़ी — ₹10,000 करोड़
(B) प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ (42.80 किमी) — ₹13,600 करोड़
(C) जगतपुरा से वैशाली नगर — ₹5,000 करोड़
(D) मानसरोवर से सांगानेर — ₹8,000 करोड़
📝 व्याख्या (Explanation)
राज्य बजट 2026-27 में जयपुर मेट्रो Phase-II के निर्माण हेतु महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। नए प्रस्ताव के अनुसार Phase-II का मार्ग 'प्रहलादपुरा से टोडी मोड़' तक होगा, जिसकी कुल लंबाई 42.80 किलोमीटर होगी तथा इस पर ₹13,600 करोड़ का व्यय अनुमानित है। इस परियोजना का क्रियान्वयन 'राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन' (RMRC) द्वारा केंद्र और राज्य सरकार के 50:50 संयुक्त उद्यम (Joint Venture) के रूप में किया जाएगा। इसके अलावा जयपुर के जगतपुरा और वैशाली नगर क्षेत्रों में मेट्रो विस्तार हेतु भी DPR तैयार करने का निर्णय लिया गया है। अतः सही उत्तर विकल्प B है।
18
बजट 2026-27 में घोषित शहरी परिवहन, एलिवेटेड रोड एवं फ्लाईओवर परियोजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. जयपुर शहर में द्रव्यवती नदी के ऊपर ट्रैफिक दबाव कम करने हेतु 36 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक एलिवेटेड रोड की DPR बनाकर निर्माण किया जाएगा। B. भीलवाड़ा शहर में गायत्री आश्रम-रामधाम एलिवेटेड रोड के लिए ₹250 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। C. जोधपुर में भाटी चौराहा व जलजोग चौराहा पर अंडरपास निर्माण हेतु ₹50 करोड़ का प्रावधान है। D. कोटा में कोटड़ी ग्रेड सेपरेटर/बड़ तिराहे पर फ्लाईओवर (₹38 करोड़) तथा लॉयन्स क्लब झालावाड़ रोड अंडरपास (₹20 करोड़) प्रस्तावित है।
(A) केवल A और B
(B) केवल B, C और D
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
बजट 2026-27 में शहरी यातायात को सुगम बनाने हेतु व्यापक घोषणाएं की गई हैं। जयपुर में द्रव्यवती नदी के ऊपर 36 किमी लंबी एलिवेटेड रोड निर्माण की घोषणा एक लैंडमार्क प्रोजेक्ट है। भीलवाड़ा में ₹250 करोड़ की लागत से गायत्री आश्रम रामधाम एलिवेटेड रोड स्वीकृत हुई है। जोधपुर में ट्रैफिक जाम मुक्ति हेतु जलजोग व भाटी चौराहा पर ₹50 करोड़ से अंडरपास बनेंगे। कोटा शहर में कोटड़ी चौराहे पर फ्लाईओवर (₹38 करोड़) व झालावाड़ रोड पर अंडरपास (₹20 करोड़) का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त उदयपुर में प्रतापनगर-बलीचा 4-लेन व आयड़ नदी ब्रिज विस्तार (₹41 करोड़) भी स्वीकृत है। अतः सभी चारों कथन A, B, C और D सत्य हैं।
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सूची-I: A. मुख्यमंत्री शहरी जल जीवन मिशन B. चाकसू (जयपुर) ड्रेनेज सिस्टम C. मुक्ताप्रसाद सेक्टर 1-17 (बीकानेर) D. गोठड़ा (खेतड़ी-झुंझुनू) शहरी जल योजना सूची-II: 1. नालियों का सुदृढ़ीकरण (₹5 करोड़) 2. पुनरुद्धार हेतु ₹5 करोड़ 3. अजमेर नगर निगम क्षेत्र के गाँव 4. Drainage System विकास (₹8 करोड़)
(A) A-3, B-4, C-1, D-2
(B) A-1, B-2, C-3, D-4
(C) A-3, B-1, C-4, D-2
(D) A-4, B-3, C-2, D-1
📝 व्याख्या (Explanation)
शहरी जल एवं स्वच्छता के अंतर्गत बजट 2026-27 में कई कार्य स्वीकृत हुए हैं। 'मुख्यमंत्री शहरी जल जीवन मिशन' के तहत अजमेर नगर निगम क्षेत्र के शामिल गाँवों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। चाकसू (जयपुर) में जल निकासी हेतु ₹8 करोड़ का ड्रेनेज सिस्टम स्वीकृत हुआ है। बीकानेर के मुक्ताप्रसाद नगर (सेक्टर 1-17) में ₹5 करोड़ से नालियों का सुदृढ़ीकरण होगा तथा खेतड़ी (झुंझुनू) में स्थित 'शहरी जल योजना गोठड़ा' के पुनरुद्धार हेतु ₹5 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। इसलिए विकल्प A (A-3, B-4, C-1, D-2) सही सुमेलित उत्तर है।
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राजस्थान शहरी विकास कोष-II (RUDF-II) की स्थापना किस तिथि को की गई थी तथा इसका मुख्य कार्य क्या है?
(A) 2 अक्टूबर 2014 — स्वच्छ भारत मिशन हेतु वित्तीय प्रबंधन
(B) 25 अगस्त 2021 — HUDCO/बैंकों से ऋण प्राप्त कर शहरी अवसंरचना व सीवरेज प्रोजेक्ट्स का वित्तपोषण
(C) 1 मई 2017 — RERA पंजीयन शुल्क एकत्र करना
(D) 25 जून 2015 — स्मार्ट सिटी फंड का रखरखाव
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में शहरी अवसंरचना, सीवरेज एवं एसटीपी (Sewage Treatment Plant) परियोजनाओं को गति देने हेतु 25 अगस्त 2021 को 'राजस्थान अर्बन डेवलपमेंट फंड-II' (RUDF-II) की स्थापना की गई थी। इस कोष के माध्यम से HUDCO (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) तथा अनुसूचित व्यावसायिक बैंकों से ऋण प्राप्त कर शहरी विकास योजनाओं को वित्तपोषित किया जाता है। RUDF-II के तहत राज्य के 7 प्रमुख शहरों (बांसवाड़ा, फतेहपुर शेखावाटी, श्रीगंगानगर, नाथद्वारा, बालोतरा, डीडवाना, मकराना) में सीवर लाइन व एसटीपी निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। अतः विकल्प B सही उत्तर है।
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राजस्थान के दो प्रमुख शहरों - भिवाड़ी एवं हिण्डौन सिटी की 'मेगा ड्रेनेज परियोजनाओं' (Mega Drainage Projects) के संदर्भ में कौन-से कथन सत्य हैं? A. औद्योगिक नगर भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) में गंभीर जलभराव समस्या के स्थायी समाधान हेतु ₹150 करोड़ की मेगा परियोजना स्वीकृत की गई है। B. भिवाड़ी ड्रेनेज परियोजना भारत सरकार तथा हरियाणा सरकार के संयुक्त सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। C. हिण्डौन सिटी (करौली) में शहरी जल निकासी प्रणाली (Urban Drainage System) के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹71 करोड़ आवंटित किए गए हैं। D. जयपुर में गिरधर मार्ग-सत्येन्द्र विद्यार्थी मार्ग के गंदे नाले को ढंकने हेतु ₹28 करोड़ स्वीकृत हैं।
(A) केवल A और B
(B) केवल C और D
(C) केवल A, B और C
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान के औद्योगिक एवं नगरीय क्षेत्रों में ड्रेनेज समस्या के स्थायी समाधान हेतु बजट में ऐतिहासिक आवंटन किए गए हैं। खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में रासायनिक जलभराव व गंदे पानी के स्थायी निस्तारण हेतु केंद्र व हरियाणा सरकार के सहयोग से ₹150 करोड़ की अंतरराज्यीय ड्रेनेज परियोजना स्वीकृत हुई है। करौली जिले के हिण्डौन सिटी में जल भराव रोकने हेतु ₹71 करोड़ का मेगा अर्बन ड्रेनेज प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। जयपुर शहर में गिरधर मार्ग-सत्येन्द्र विद्यार्थी मार्ग नाले को कवर करने हेतु ₹28 करोड़ तथा राधा विहार नाला सड़क चौड़ीकरण हेतु ₹8.73 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। अतः चारों कथन A, B, C और D पूर्णतः सही हैं।
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राज्य सरकार द्वारा घोषित 'NBCC पैटर्न' योजना के तहत आगामी 3 वर्षों में शहरी क्षेत्रों में किसके लिए 3,000 फ्लैट्स का निर्माण किया जाएगा?
(A) झुग्गी-झोपड़ी प्रवासियों (Slum Dwellers) के लिए
(B) राजकीय कर्मचारियों (Government Employees) के लिए
(C) केवल पत्रकारों एवं विधायकों के लिए
(D) रेहड़ी-पटरी वालों (Street Vendors) के लिए
📝 व्याख्या (Explanation)
शहरी क्षेत्रों में कार्यरत राजकीय कर्मचारियों को आधुनिक तथा गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (NBCC) पैटर्न पर 3,000 Flats के निर्माण की घोषणा की है। यह निर्माण आगामी 3 वर्षों में उपलब्ध सरकारी भूमि का समुचित उपयोग करके किया जाएगा। अन्य विशिष्ट आवास योजनाओं में राजस्थान आवासन मंडल (RHB) द्वारा जयपुर में 'पत्रकार आवास योजना' तथा 'विधायक आवास योजना' (MLA Housing Scheme) संचालित की जा रही है। वहीं कच्चे स्लम निवासियों के लिए 'राजीव आवास योजना' (RAY) के तहत 16 शहरों में 19 प्रोजेक्ट्स संचालित हैं। अतः विकल्प B सही उत्तर है।
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'स्वच्छ भारत मिशन - शहरी' (SBM-Urban) के प्रथम एवं द्वितीय चरण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: ूट: A. स्वच्छ भारत मिशन-शहरी का शुभारंभ 2 अक्टूबर 2014 को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा किया गया। B. राजस्थान में SBM-U का नोडल विभाग स्वायत्त शासन विभाग (Department of Local Self-Government) है। C. SBM-U चरण-1 के तहत सभी 4,041 वैधानिक शहरों को ODF (खुले में शौच मुक्त) घोषित किया गया। D. SBM-U चरण-2 का शुभारंभ अक्टूबर 2021 में 5 वर्ष की अवधि के लिए शहरों को 'गार्बेज फ्री' और 'ODF Plus' बनाने हेतु किया गया।
(A) केवल A और B
(B) केवल C और D
(C) केवल A, B और C
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
फ्लैगशिप योजना संख्या 24 'स्वच्छ भारत मिशन - शहरी' (SBM-U) का पहला चरण 2 अक्टूबर 2014 से 2019 तक संचालित हुआ, जिसके तहत व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) हेतु ₹12,000 (केंद्र: राज्य: निकाय = 4000:4000:4000) दिए गए और शहरी भारत को ओडीएफ बनाया गया। अक्टूबर 2021 में शुरू हुए SBM-U 2.0 (अवधि 5 वर्ष) के मुख्य घटक 100% ठोस कचरा वैज्ञानिक प्रसंस्करण (Garbage Free Cities), यूज़्ड वॉटर मैनेजमेंट (Cesspool & Sewage Treatment), ODF/ODF+/ODF++ स्थिति बनाए रखना, तथा IEC/क्षमता निर्माण हैं। राज्य में स्वायत्त शासन विभाग इसका नोडल विभाग है। अतः दिए गए सभी चारों कथन A, B, C और D सही हैं।
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'प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी' (PMAY-U - फ्लैगशिप योजना 25) के संदर्भ में कौन-से कथन सत्य हैं? A. इस योजना का शुभारंभ 25 जून 2015 को MoHUA द्वारा किया गया, जिसे हाल ही में बढ़ाकर दिसंबर 2025 तक विस्तारित किया गया है। B. इसमें EWS (<₹3 लाख), LIG (₹3-6 लाख), MIG-I (₹6-12 लाख) तथा MIG-II (₹12-18 लाख) आय वर्ग के पात्र लाभार्थी हैं। C. राजस्थान सरकार द्वारा बजट 2024-25 में EWS श्रेणी के लाभार्थियों को ₹25,000 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है। D. योजना के तहत निर्मित/आवंटित मकान का स्वामित्व परिवार की महिला सदस्य के नाम या संयुक्त नाम पर होना अनिवार्य है।
(A) केवल A और B
(B) केवल B, C और D
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
PMAY-Urban शहरी गरीबों को पक्का मकान देने की केंद्र प्रायोजित फ्लैगशिप योजना है। 25 जून 2015 को शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य 1.25 करोड़ मकान बनाना था, जिसे बढ़ाकर दिसंबर 2025 तक कर दिया गया है। इसमें नए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्ट्रक्चर में ₹2.3 लाख करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान है। योजना में महिला सशक्तिकरण हेतु मकान का मालिकाना हक महिला या संयुक्त नाम पर रखा जाता है। राजस्थान सरकार ने अपने बजट 2024-25 में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) लाभार्थियों को ₹25,000 की अतिरिक्त राज्य सहायता देने की घोषणा की है। इस प्रकार सभी चारों कथन A, B, C और D सत्य हैं।
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'स्मार्ट सिटीज़ मिशन' (Smart Cities Mission) के तहत राजस्थान के कौन-से 4 शहर चयनित किए गए हैं?
(A) जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर
(B) कोटा, अजमेर, जयपुर, उदयपुर (KAJU)
(C) कोटा, भरतपुर, अजमेर, भीलवाड़ा
(D) जयपुर, अजमेर, अलवर, जोधपुर
📝 व्याख्या (Explanation)
जून 2015 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए 'स्मार्ट सिटीज़ मिशन' के तहत देशभर के 100 शहरों में से राजस्थान के 4 प्रमुख शहरों का चयन किया गया था, जिन्हें याद रखने की ट्रिक 'KAJU' है: K = कोटा (Kota), A = अजमेर (Ajmer), J = जयपुर (Jaipur), U = उदयपुर (Udaipur)। इस मिशन के तहत प्रति शहर प्रति वर्ष ₹100 करोड़ की राशि प्रदान की जाती है, जिसमें केंद्र सरकार 50%, राज्य सरकार 30%, संबंधित नगरीय निकाय (ULB) 10% तथा विकास प्राधिकरण (DA) 10% अंशदान वहन करते हैं। अतः विकल्प B (कोटा, अजमेर, जयपुर, उदयपुर) सही उत्तर है।
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'मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. इस योजना का शुभारंभ 9 सितंबर 2022 को किया गया था। B. 20 नवंबर 2024 को इसका पुनर्गठन/नामकरण किया गया तथा रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिए गए। C. योजना का लाभ लेने हेतु 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के शहरी परिवार के सदस्य जनाधार कार्ड (Jan Aadhaar) द्वारा निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। D. इस योजना में 90% से अधिक पंजीकृत लाभार्थी महिलाएँ हैं।
(A) केवल A और B
(B) केवल C और D
(C) केवल A, B और C
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
शहरी निकायों में निवास करने वाले परिवारों को आजीविका सुरक्षा देने हेतु मनरेगा की तर्ज पर 9 सितंबर 2022 को 'मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना' लागू की गई (वार्षिक बजट ₹800 करोड़)। 20 नवंबर 2024 को योजना में सुधार करते हुए प्रतिवर्ष दिए जाने वाले रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई। 18-60 वर्ष के पात्र शहरी निवासी अपने जनाधार कार्ड के माध्यम से ई-मित्र या निकाय में निःशुल्क जॉब कार्ड हेतु आवेदन कर सकते हैं। दिसंबर 2025 तक इसमें 7.05 लाख परिवार पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें महिला भागीदारी 90% से अधिक है। अतः चारों कथन सही हैं।
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'दीनदयाल जन आजीविका योजना - शहरी' (Deendayal Jan Aajeevika Yojana - Urban) का पायलट प्रोजेक्ट जून 2025 में किस नगर निगम द्वारा प्रारंभ किया गया है?
(A) जोधपुर नगर निगम
(B) जयपुर नगर निगम (Jaipur Municipal Corp.)
(C) कोटा नगर निगम
(D) उदयपुर नगर निगम
📝 व्याख्या (Explanation)
शहरी क्षेत्रों में अति-संवेदनशील एवं असंगठित व्यावसायिक समूहों (जैसे घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर्स, छोटे हस्तशिल्पी आदि) के सामाजिक-आर्थिक उत्थान हेतु जून 2025 में 'दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी)' का पायलट प्रोजेक्ट जयपुर नगर निगम द्वारा शुरू किया गया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के सहयोग से शुरू इस योजना में सामुदायिक विकास, वित्तीय समावेशन, सामाजिक अवसंरचना तथा अभिसरण (Convergence) के घटक शामिल हैं। दिसंबर 2025 तक इसके लिए ₹3 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसलिए विकल्प B सही उत्तर है।
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20 अगस्त 2020 से संचालित 'श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना (शहरी)' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. योजना का विज़न 'लक्ष्य अंत्योदय - प्रण अंत्योदय - पथ अंत्योदय' है। B. लाभार्थी को मात्र ₹8 में 600 ग्राम गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन (थाली) उपलब्ध कराया जाता है। C. राज्य सरकार द्वारा प्रति थाली अनुदान (Subsidy) राशि ₹22 प्रदान की जाती है। D. राज्य के 230 शहरी निकायों में स्वीकृत कुल 1,071 रसोइयों के माध्यम से प्रतिवर्ष 9.16 करोड़ भोजन थालियाँ वितरित की जा रही हैं।
(A) केवल A और B
(B) केवल B और C
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
'कोई भी भूखा न सोए' के संकल्प के साथ 20 अगस्त 2020 को इंदिरा रसोई योजना शुरू हुई थी, जिसे वर्तमान में 'श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना' के नाम से संचालित किया जा रहा है। इसका नया विज़न 'लक्ष्य अंत्योदय - प्रण अंत्योदय - पथ अंत्योदय' रखा गया है। इसमें प्रति थाली भोजन की कुल लागत ₹30 आती है, जिसमें लाभार्थी से ₹8 लिए जाते हैं तथा राज्य सरकार ₹22 प्रति थाली सब्सिडी वहन करती है। प्रति थाली 600 ग्राम संतुलित भोजन (चपाती, दाल, सब्जी, चावल/खिचड़ी व अचार) दिया जाता है। राज्य में 230 नगरीय निकायों में कुल स्वीकृत 1,071 रसोइयों (992 संचालित + 79 नई निकायों में) से सालाना 9.16 करोड़ भोजन थालियाँ वितरित हो रही हैं। अतः चारों कथन सत्य हैं।
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9 सितंबर 2025 को पुनर्गठित 'PM SVANidhi 2.0' योजना के संदर्भ में कौन-से कथन सत्य हैं? A. यह योजना स्ट्रीट वेंडर्स को 9 केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर मार्च 2030 तक आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण प्रदान करती है। B. PM SVANidhi 2.0 के तहत ऋण के तीन नए स्लैब - ₹15,000, ₹25,000 तथा ₹50,000 निर्धारित किए गए हैं। C. समय पर ऋण चुकाने वाले वेंडर्स को केंद्र सरकार द्वारा 7% वार्षिक ब्याज सब्सिडी दी जाती है। D. डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने हेतु ₹1,200/वर्ष तथा ₹2,000 से अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन पर ₹400 अतिरिक्त कैशबैक का प्रावधान है।
(A) केवल A और B
(B) केवल C और D
(C) केवल A, B और C
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वालों) को आत्मनिर्भर बनाने हेतु केंद्र सरकार की 'PM SVANidhi' योजना को 9 सितंबर 2025 को 'PM SVANidhi 2.0' के रूप में मार्च 2030 तक के लिए विस्तारित एवं पुनर्गठित किया गया है। इसके तहत स्ट्रीट वेंडर्स को क्रमशः ₹15,000 (प्रथम किश्त), ₹25,000 (द्वितीय किश्त) तथा ₹50,000 (तृतीय किश्त) का बिना गारंटी (Collateral-free) सूक्ष्म ऋण दिया जाता है। इसमें 7% ब्याज सब्सिडी और ₹1,600 तक वार्षिक डिजिटल कैशबैक दिया जाता है। साथ ही FSSAI द्वारा खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण तथा स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत वेंडर प्रमाण पत्र दिए जाते हैं। अतः दिए गए सभी चारों कथन A, B, C और D सही हैं।
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राजस्थान सरकार द्वारा 15 दिसंबर 2024 को शुरू की गई 'मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना' (CM SVANidhi Scheme - फ्लैगशिप योजना 23) के अंतर्गत पात्र असंगठित श्रमिकों को अधिकतम कितना बिना गारंटी ऋण प्रदान किया जाता है?
(A) ₹30,000
(B) ₹50,000
(C) ₹80,000
(D) ₹1,00000
📝 व्याख्या (Explanation)
स्वायत्त शासन विभाग (Local Self-Government Department) द्वारा 15 दिसंबर 2024 को शुरू की गई 'मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना' (CM SVANidhi - फ्लैगशिप योजना संख्या 23) राज्य के शहरी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (जैसे निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्पी, गिग वर्कर्स, स्वच्छता कर्मी आदि) हेतु लागू की गई है। इसके तहत बिना किसी कॉलेटरल/गारंटी के 3 आसान किश्तों में कुल ₹80,000 तक का ऋण दिया जाता है। किश्तों का क्रम: प्रथम किश्त ₹10,000 (12 माह), द्वितीय किश्त ₹20,000 (18 माह) तथा तृतीय किश्त ₹50,000 (36 माह) है। समय पर ऋण चुकाने पर राज्य सरकार 7% ब्याज सब्सिडी वहन करती है। इसलिए सही उत्तर विकल्प C है।
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'मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना' (CM SVANidhi) के तहत दी जाने वाली ऋण किश्तों तथा उनकी पुनर्भुगतान अवधियों को सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. प्रथम किश्त B. द्वितीय किश्त C. तृतीय किश्त D. कुल अधिकतम ऋण राशि सूची-II: 1. ₹20,000 (18 माह) 2. ₹50,000 (36 माह) 3. ₹10,000 (12 माह) 4. ₹80,000
(A) A-3, B-1, C-2, D-4
(B) A-1, B-3, C-4, D-2
(C) A-3, B-2, C-1, D-4
(D) A-4, B-1, C-2, D-3
📝 व्याख्या (Explanation)
15 दिसंबर 2024 को प्रारंभ 'मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना' में असंगठित शहरी कार्यबल को तीन सोपानों में चरणबद्ध वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है। प्रथम किश्त में ₹10,000 का ऋण 12 महीने की अवधि हेतु; इसे सफलता पूर्वक चुकाने पर द्वितीय किश्त में ₹20,000 का ऋण 18 महीने हेतु; तथा तीसरे चरण में ₹50,000 का ऋण 36 महीने की पुनर्भुगतान अवधि हेतु दिया जाता है। इस प्रकार एक पात्र श्रमिक को कुल ₹80,000 तक का वित्तीय संबल मिलता है, जिस पर 7% ब्याज अनुदान राज्य सरकार देती है। अतः विकल्प A (A-3, B-1, C-2, D-4) सही मिलान है।
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बजट 2026-27 में घोषित शहरी सौन्दर्यीकरण, पार्कों एवं झीलों के विकास कार्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. सिरोही जिले के माउंट आबू में स्थित 'संत सरोवर झील' के पुनर्विकास एवं पार्क सुदृढ़ीकरण हेतु ₹7.26 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। B. उदयपुर की फतहसागर झील परिधि में रानी रोड रेट्रोफिटिंग DPR हेतु ₹25 लाख का प्रावधान है। C. बूंदी में स्मृति कुंज तथा महाकालेश्वर पार्क के विकास (जॉगिंग ट्रैक, ओपन जिम, चारदीवारी) हेतु ₹15 करोड़ का आवंटन किया गया है। D. कोटा के सांगोद में अन्नपूर्णा नदी के समीप 'अटल वन' (Atal Van) का विकास ₹4 करोड़ की लागत से किया जाएगा।
(A) केवल A और B
(B) केवल C और D
(C) केवल A, B और C
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
शहरी जीवन स्तर एवं पर्यावरण में सुधार हेतु बजट 2026-27 में सौन्दर्यीकरण की अनेक परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू की संत सरोवर झील के पुनर्विकास हेतु ₹7.26 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। उदयपुर में फतहसागर झील परिधि (रानी रोड) के कायाकल्प हेतु ₹25 लाख की DPR स्वीकृत हुई है। बूंदी शहर में हरित क्षेत्र विस्तार हेतु स्मृति कुंज व महाकालेश्वर पार्क में ₹15 करोड़ से विकास कार्य होंगे। सांगोद (कोटा) में अन्नपूर्णा नदी तट पर ₹4 करोड़ से 'अटल वन' बनेगा। इसके अलावा रामगंजमंडी में सिटी पार्क (₹1 करोड़) तथा बारां के डोल तालाब पर चौपाटी व पार्किंग (₹4 करोड़) स्वीकृत है। अतः चारों कथन A, B, C और D पूर्णतः सही हैं।
33
बजट 2026-27 की घोषणा के अनुसार राज्य के नगरीय निकायों को सुदृढ़ करने हेतु 'आधुनिक जन सुविधा केंद्रों' एवं 'C व D श्रेणी नगरपालिका भवनों' के निर्माण हेतु क्रमशः कितनी राशि का प्रावधान किया गया है?
(A) ₹100 करोड़ तथा ₹50 करोड़
(B) ₹400 करोड़ (100 निकायों में) तथा ₹200 करोड़
(C) ₹500 करोड़ तथा ₹300 करोड़
(D) ₹250 करोड़ तथा ₹150 करोड़
📝 व्याख्या (Explanation)
बजट 2026-27 में नगरीय स्वायत्त निकायों के सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक सुगमता हेतु बड़ा वित्तीय आवंटन किया गया है। राज्य के 100 नगरीय निकायों में चरणबद्ध तरीके से 'आधुनिक जन सुविधा केंद्र' (Modern Jan Suvidha Kendra) / नगर पालिका भवनों के निर्माण हेतु ₹400 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही राज्य की नवगठित व पुरानी 'C' और 'D' श्रेणी की नगरपालिकाओं के आधुनिक नए भवनों के निर्माण हेतु ₹200 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के आसींद नगरपालिका भवन हेतु ₹5 करोड़ तथा बांदीकुई (दौसा) नगरपालिका भवन निर्माण हेतु ₹5 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। अतः सही उत्तर विकल्प B है।
34
बजट 2026-27 में नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. नगरीय निकायों (ULBs) के अध्यक्षों एवं पार्षदों/सदस्यों के मानदेय (Honorarium) में 10% की वृद्धि की गई है। B. भीलवाड़ा जिले की आसींद नगरपालिका का दर्जा 'D' श्रेणी से क्रमोन्नत करके 'C' श्रेणी कर दिया गया है। C. राज्य के 191 स्थानीय निकायों में 12.02 लाख से अधिक एलईडी (LED) स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं। D. श्रीगंगानगर में पुरानी शुगर मिल के पास ₹5 करोड़ की लागत से मॉडर्न ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा।
(A) केवल A और B
(B) केवल B और C
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
बजट 2026-27 में नगरीय निकायों के अध्यक्षों व सदस्यों के मानदेय में 10% वृद्धि करने का स्वागत योग्य निर्णय लिया गया। प्रशासनिक दृष्टि से आसींद (भीलवाड़ा) नगरपालिका को D श्रेणी से बढ़ाकर C श्रेणी में क्रमोन्नत किया गया और नए भवन हेतु ₹5 करोड़ दिए गए। ऊर्जा संरक्षण हेतु राज्य की 191 निकायों में 12.02 लाख एलईडी लाइटें लगाई जा चुकी हैं (31 दिसंबर 2024 तक)। सांस्कृतिक व नागरिक सुविधाओं हेतु श्रीगंगानगर की पुरानी शुगर मिल भूमि पर ₹5 करोड़ से आधुनिक प्रेक्षागृह (Modern Auditorium) बनेगा। इसलिए सभी चारों कथन A, B, C और D पूर्णतः सत्य हैं।
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राजस्थान के प्रमुख शहरों एवं उनसे संबंधित हालिया बजटीय विकास पहलों को सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) B. हिण्डौन सिटी (करौली) C. अंता (बारां) D. भरतपुर सूची-II: 1. ₹71 करोड़ का मेगा ड्रेनेज सिस्टम 2. ₹150 करोड़ की अंतरराज्यीय जलभराव समाधान परियोजना 3. Housing / Education Hub / IT Hub DPR (₹1 करोड़) 4. नवीन सब्जी मंडी निर्माण (₹7.49 करोड़)
(A) A-2, B-1, C-4, D-3
(B) A-1, B-2, C-3, D-4
(C) A-2, B-4, C-1, D-3
(D) A-3, B-1, C-4, D-2
📝 व्याख्या (Explanation)
राज्य के विभिन्न शहरों में विशिष्ट अवसंरचनात्मक आवश्यकतानुसार बजट प्रावधान किए गए हैं। खैरथल-तिजारा जिले के औद्योगिक शहर भिवाड़ी में ₹150 करोड़ की लागत से हरियाणा सरकार के सहयोग से अंतरराज्यीय जलभराव निस्तारण योजना लागू हो रही है। हिण्डौन सिटी (करौली) में ₹71 करोड़ से ड्रेनेज प्रणाली का सुदृढ़ीकरण हो रहा है। बारां जिले के अंता कस्बे में ₹7.49 करोड़ से आधुनिक सब्जी मंडी बनाई जा रही है। संभागीय मुख्यालय भरतपुर में आवास, शिक्षा और आईटी हब के एकीकृत विकास हेतु ₹1 करोड़ से DPR तैयार की जा रही है। अतः सही मिलान विकल्प A (A-2, B-1, C-4, D-3) है।
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