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विषय: GK & GS Paper अंक: 15 समय: 15 Minutes कुल प्रश्न: 15 व्याख्या: 15 / 15 दिनांक: Batch: RAS FOUNDATION COURSE
1
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार, स्थिर मूल्यों (2011-12) पर राजस्थान के सकल राज्य मूल्यवर्धन (GSVA) में कृषि क्षेत्र का योगदान कितना प्रतिशत अनुमानित है?
(a) 28.56%
(b) 25.74%
(c) 25.33%
(d) 17.77%
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार स्थिर मूल्यों (2011-12) पर कृषि क्षेत्र का GSVA में योगदान 25.33% (मूल्य ₹2.33 लाख करोड़) है, जबकि वर्तमान मूल्यों पर यह योगदान 25.74% (मूल्य ₹4.41 लाख करोड़) दर्ज किया गया है। आधार वर्ष 2011-12 में वर्तमान मूल्यों पर यह योगदान 28.56% था, जो अब घटकर 25.74% हो गया है। राष्ट्रीय स्तर पर भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का औसत योगदान 17.77% है, जिसकी तुलना में राजस्थान में कृषि का योगदान काफी अधिक है। स्थिर मूल्यों पर 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 3.82% रही है, जबकि वर्ष 2025-26 (AE) के लिए स्थिर मूल्यों पर वार्षिक वृद्धि दर 0.22% दर्ज की गई है। अतः विकल्प C सही उत्तर है, जबकि विकल्प A आधार वर्ष का योगदान, विकल्प B वर्तमान मूल्यों का योगदान और विकल्प D भारत का औसत योगदान दर्शाता है।
2
वर्ष 2025-26 (AE) में वर्तमान कीमतों पर कृषि के उप-क्षेत्रों के योगदान से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.कृषि क्षेत्र के अंतर्गत सर्वाधिक योगदान फसल (Crops) उप-क्षेत्र का है।
B.पशुधन (Livestock) उप-क्षेत्र का योगदान 49.35% के साथ सबसे अधिक है।
C.वानिकी उप-क्षेत्र का योगदान 7.49% तथा मत्स्य उप-क्षेत्र का योगदान 0.54% है।
D.पशुधन उत्पादों के कुल उत्पादन मूल्य (GVO) में दूध का हिस्सा सर्वाधिक 79.60% है।
(a) केवल A और C
(b) केवल B, C और D
(c) केवल B और D
(d) A, B, C एवं D सभी
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में वर्तमान कीमतों पर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के कुल GSVA (₹4.41 लाख करोड़) में पशुधन उप-क्षेत्र का हिस्सा सर्वाधिक 49.35% (मूल्य ₹2.17 लाख करोड़) है, जिसमें 5.20% की वृद्धि दर्ज की गई है। फसल उप-क्षेत्र का योगदान दूसरा सर्वाधिक 42.61% (मूल्य ₹1.88 लाख करोड़) है, जिसमें -5.01% की गिरावट आई है। वानिकी का योगदान 7.49% और मत्स्य पालन का योगदान 0.54% है। पशुधन उत्पादों के कुल उत्पादन मूल्य (GVO) में अकेले दूध का योगदान 79.60% है, मांस (पोल्ट्री सहित) का 7.46%, अंडों का 0.67% और अन्य उत्पादों का 12.27% हिस्सा है। कथन A गलत है क्योंकि फसल उप-क्षेत्र का योगदान पशुधन से कम है, जबकि कथन B, C और D पूर्णतः सत्य हैं। इसलिए सही उत्तर विकल्प B है।
3
निम्नलिखित खरीफ एवं रबी फसलों का उनके वर्ष 2025-26 के सकल उत्पादन मूल्य (GVO ₹ करोड़ में) से मिलान कीजिए:
सूची-Iसूची-II
A. गेहूं (Wheat)1. ₹38,394 करोड़
B. राई-सरसों (Mustard)2. ₹34,826 करोड़
C. मूंगफली (Groundnut)3. ₹15,978 करोड़
D. बाजरा (Bajra)4. ₹9,781 करोड़
(a) A-1, B-2, C-3, D-4
(b) A-2, B-1, C-4, D-3
(c) A-1, B-3, C-2, D-4
(d) A-4, B-2, C-3, D-1
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
वर्ष 2025-26 के अनुमानों के अनुसार रबी फसलों में गेहूं का GVO सर्वाधिक ₹38,394 करोड़ (2024-25 में ₹40,970 करोड़) तथा राई-सरसों का GVO ₹34,826 करोड़ (2024-25 में ₹31,760 करोड़) रहा है। खरीफ फसलों में मूंगफली का GVO बढ़कर ₹15,978 करोड़ (2024-25 में ₹10,961 करोड़) हो गया, जिसने बाजरा को पीछे छोड़ दिया, जबकि बाजरा का GVO घटाकर ₹9,781 करोड़ (2024-25 में ₹12,991 करोड़) रह गया है। इसके अतिरिक्त रबी में चना का GVO ₹13,913 करोड़ तथा खरीफ में मूंग का GVO ₹9,507 करोड़ दर्ज किया गया है। इस प्रकार गेहूं (1), राई-सरसों (2), मूंगफली (3) और बाजरा (4) का सही सुमेलन विकल्प A में दिया गया है।
4
राजस्थान के भू-उपयोग (Land Use) सांख्यिकी के संदर्भ में राज्य के कुल रिपोर्टिंग क्षेत्रफल में 'शुद्ध बोया गया क्षेत्र' (Net Sown Area) कितना प्रतिशत है?
(a) 8.08%
(b) 18.50%
(c) 53.02%
(d) 40.12%
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान राज्य का कुल रिपोर्टिंग भू-उपयोग क्षेत्रफल 343.43 लाख हेक्टेयर है, जिसमें से सर्वाधिक भाग 'शुद्ध बोया गया क्षेत्र' (Net Sown Area) का है जो 53.02% है। इसके पश्चात बंजर व अकृष्य भूमि, गैर-कृषि उपयोग की भूमि आती है, जबकि वानिकी (Forestry) का हिस्सा केवल 8.08% है। भू-उपयोग घटकों को याद रखने की प्रचलित ट्रिक 'Soil Work For Better Nature' है, जहाँ S = Sown Area, W = Waste Land, For = Forestry, B = Barren Land, और N = Non Agriculture Use को दर्शाता है। विकल्प A (8.08%) वानिकी का प्रतिशत है, जबकि विकल्प B (18.50%) अर्द्ध-मध्यम जोतों का प्रतिशत है तथा विकल्प D (40.12%) सीमांत जोतों का प्रतिशत है। अतः सही उत्तर विकल्प C है।
5
कृषि संगणना 2015-16 के अनुसार राजस्थान में प्रचालित भूमि जोतों (Operational Land Holdings) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.राज्य में कुल प्रचालित जोतों की संख्या 76.55 लाख है, जिसमें 2010-11 की तुलना में 11.14% की वृद्धि हुई है।
B.कुल प्रचालित क्षेत्रफल 208 लाख हेक्टेयर है, जो पिछली संगणना से 1.24% घट गया है।
C.औसत जोत आकार 3.07 हेक्टेयर से घटकर 2.73 हेक्टेयर (-11.07%) रह गया है।
D.जोतों की संख्या में सर्वाधिक प्रतिशत हिस्सा बड़ी जोतों (>10 हेक्टेयर) का है।
(a) केवल A, B और C
(b) केवल B, C और D
(c) केवल A और C
(d) A, B, C एवं D सभी
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
कृषि संगणना 2015-16 के अनुसार राजस्थान में कुल जोतों की संख्या 68.88 लाख से बढ़कर 76.55 लाख (+11.14%) हो गई है। कुल प्रचालित क्षेत्रफल 211 लाख हेक्टेयर से घटकर 208 लाख हेक्टेयर (-1.24%) रह गया है, जिसके कारण औसत जोत आकार 3.07 हेक्टेयर से घटकर 2.73 हेक्टेयर (-11.07%) हो गया है। जोतों की श्रेणियों में सर्वाधिक संख्या सीमांत जोतों (<1 हेक्टेयर) की है जिनका हिस्सा 40.12% है, जबकि बड़ी जोतों (>10 हेक्टेयर) की संख्या केवल 4.69% है और इनमें 11.14% की गिरावट देखी गई है। अतः कथन D असत्य है क्योंकि बड़ी जोतों का हिस्सा सबसे कम है, जबकि A, B और C कथन पूर्णतः सत्य हैं। सही विकल्प A है।
6
कृषि संगणना 2015-16 के अनुसार राजस्थान में महिला संचालित भूमि जोतों (Female Operational Holdings) की कुल संख्या और प्रचालित क्षेत्रफल कितना दर्ज किया गया है?
(a) 5.46 लाख जोतें एवं 13.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल
(b) 7.75 लाख जोतें एवं 16.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल
(c) 7.75 लाख जोतें एवं 208 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल
(d) 68.88 लाख जोतें एवं 211 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
कृषि संगणना 2015-16 के अनुसार राज्य में महिला भूमि जोतों की संख्या 2010-11 के 5.46 लाख से 41.94% बढ़कर 7.75 लाख हो गई है। इसी अवधि में महिला जोतों का कुल प्रचालित क्षेत्रफल 13.30 लाख हेक्टेयर से 24.44% बढ़कर 16.55 लाख हेक्टेयर हो गया है। महिला जोतों में सर्वाधिक हिस्सेदारी सीमांत जोतों (49.55%) और लघु जोतों (20.77%) की है, जबकि बड़ी जोतों की हिस्सेदारी केवल 2.97% है। विकल्प A वर्ष 2010-11 के आंकड़ों को दर्शाता है, विकल्प C में कुल क्षेत्रफल राज्य का प्रचालित क्षेत्रफल है, और विकल्प D 2010-11 की कुल जोतों को दर्शाता है। अतः सही उत्तर विकल्प B है।
7
विकसित राजस्थान @ 2047 विजन एवं बजट 2026-27 की कृषि प्राथमिकताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.राजस्थान को 2047 तक प्रौद्योगिकी-चालित 'कृषि पावरहाउस' बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
B.निरंतर घटते जोत आकार को देखते हुए 5,000 किसानों को Vertical Support System आधारित सब्जी उत्पादन हेतु वित्तीय सहायता दी जाएगी।
C.कृषि में पशुधन सशक्तिकरण, सहकारी-संचालित अर्थव्यवस्था और जलवायु-अनुकूल खेती पर बल दिया गया है।
D.राज्य के बजट 2026-27 में कुल कृषि बजट का आकार ₹1,19,408.11 करोड़ रखा गया है।
(a) केवल A और C
(b) केवल B और D
(c) A, B, C एवं D सभी
(d) केवल A, B और C
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
विकसित राजस्थान @ 2047 विजन का मूल उद्देश्य राजस्थान को प्रौद्योगिकी-चालित अग्रणी 'कृषि पावरहाउस' बनाना है। इसके लिए पशुधन सशक्तिकरण, सहकारी अर्थव्यवस्था, उन्नत तकनीक और जलवायु-अनुकूल खेती के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति अपनाई गई है। कृषि जोत के निरंतर घटते औसत आकार (2.73 हेक्टेयर) की चुनौती से निपटने हेतु बजट 2026-27 में 5,000 किसानों को वर्टिकल सपोर्ट सिस्टम आधारित सब्जी उत्पादन के लिए वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई है। बजट 2026-27 में कुल कृषि बजट ₹1,19,408.11 करोड़ रखा गया है जो राज्य के कुल बजट का 11.36% है। इस प्रकार चारों कथन A, B, C और D पूर्णतः सत्य हैं, अतः विकल्प C सही उत्तर है।
8
राजस्थान में खाद्यान्न उत्पादन आंकड़े (वर्ष 2024-25 vs 2025-26) के संबंध में निम्नलिखित मदों को उनके उत्पादन/परिवर्तन प्रतिशत से सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
A. कुल खाद्यान्न (2025-26)1. 309.62 लाख टन (-8.28% परिवर्तन)
B. खरीफ खाद्यान्न (2025-26)2. 114.24 लाख टन (-21.60% परिवर्तन)
C. कुल दलहन (2025-26)3. 47.13 लाख टन (+12.75% वृद्धि)
D. कुल तिलहन (2025-26)4. 100.46 लाख टन (+7.18% वृद्धि)
(a) A-1, B-2, C-3, D-4
(b) A-2, B-1, C-4, D-3
(c) A-1, B-3, C-2, D-4
(d) A-4, B-3, C-2, D-1
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
वर्ष 2025-26 में राजस्थान का कुल खाद्यान्न उत्पादन 309.62 लाख टन अनुमानित है, जो 2024-25 के 283.98 लाख टन की तुलना में 8.28% कम है। मानसून की अनिश्चितता के कारण खरीफ खाद्यान्न उत्पादन 21.60% घटकर 114.24 लाख टन रहा। इसके विपरीत, दलहन उत्पादन 12.75% बढ़कर 47.13 लाख टन (2024-25 में 41.80 लाख टन) और तिलहन उत्पादन 7.18% बढ़कर 100.46 लाख टन (2024-25 में 93.73 लाख टन) हो गया है। रबी दलहन में 22.34% की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। अतः सही सुमेलन A-1, B-2, C-3, D-4 है जो विकल्प A में उपलब्ध है।
9
प्रमुख कृषि फसलों के राष्ट्रीय उत्पादन में राजस्थान की प्रथम रैंकिंग और हिस्सेदारी से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.ग्वार (Guar) के कुल राष्ट्रीय उत्पादन में राजस्थान का हिस्सा सर्वाधिक 88.80% है।
B.राई-सरसों उत्पादन में राजस्थान 43.43% हिस्सेदारी के साथ देश में प्रथम स्थान पर है।
C.बाजरा उत्पादन में राजस्थान 41.34% हिस्सेदारी के साथ प्रथम स्थान पर है।
D.राजस्थान कुल तिलहन (23.61%) एवं मोटे अनाज (14.21%) उत्पादन में भी देश में प्रथम स्थान पर है।
(a) केवल A, B और C
(b) केवल B और D
(c) A, B, C एवं D सभी
(d) केवल A और D
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
भारत में फसलों के उत्पादन में राजस्थान का कई प्रमुख फसलों में एकाधिकार एवं शीर्ष स्थान है। राजस्थान ग्वार उत्पादन में 88.80% हिस्सेदारी के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। इसके अतिरिक्त राई-सरसों (43.43%), बाजरा (41.34%), कुल तिलहन (23.61%) और कुल मोटे अनाज (14.21%) के उत्पादन में भी राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। इन्हें याद रखने की ट्रिक 'BMS-GOT' (B = बाजरा, M = मस्टर्ड/सरसों, S = सीड्स/तिलहन, G = ग्वार, O = ओवरऑल मोटे अनाज, T = टोटल) है। मूंगफली में राजस्थान द्वितीय स्थान (19.91%) पर है, जबकि चना (17.39%), कुल दलहन (13.76%) और सोयाबीन (8.96%) में तृतीय स्थान पर है। अतः सभी चारों कथन सही हैं और विकल्प C सही उत्तर है।
10
गत 5 वर्षों (2020-21 से 2024-25) के दौरान राजस्थान में निम्नलिखित में से किस फसल/फसल समूह की उत्पादकता (kg/ha) में निरंतर गिरावट दर्ज की गई है?
(a) अनाज (Cereals)
(b) ग्वार बीज (Guar)
(c) तिलहन (Oilseeds)
(d) कपास (Cotton Lint)
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
आर्थिक समीक्षा के Table 1.4 के उत्पादकता आंकड़ों के अनुसार, कपास (Cotton Lint) की उत्पादकता 2020-21 में 675 kg/ha थी, जो घटकर 2021-22 में 558, 2023-24 में 444 और 2024-25 में 484 kg/ha रह गई, यानी इसमें गिरावट का रुझान देखा गया है। इसके विपरीत, अनाज की उत्पादकता 2423 kg/ha से बढ़कर 2537 kg/ha हो गई है। ग्वार बीज की उत्पादकता 458 kg/ha से बढ़कर 662 kg/ha हो गई है। तिलहन की उत्पादकता 1523 kg/ha से बढ़कर 1537 kg/ha हो गई है। गन्ना की उत्पादकता में भी गिरावट आई है (79,111 से 76,835 kg/ha)। अतः विकल्प D कपास सही उत्तर है।
11
राजस्थान के कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) को उनमें शामिल प्रमुख जिलों से सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
A. उत्तर पश्चिमी सिंचित क्षेत्र (I-B)1. श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़
B. अंतःस्थलीय जलोत्सरण अंतर्वर्ती मैदान (II-A)2. सीकर, झुंझुनूं, नागौर, चूरू
C. बाढ़ सम्भाव्य पूर्वी मैदान (III-B)3. अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली
D. आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान (V)4. कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़
(a) A-1, B-2, C-3, D-4
(b) A-2, B-1, C-4, D-3
(c) A-1, B-3, C-2, D-4
(d) A-4, B-3, C-2, D-1
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान को कुल 10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। I-B (उत्तर पश्चिमी सिंचित) में श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ आते हैं जहाँ मुख्य फसलें कपास, ग्वार, गेहूं व सरसों हैं। II-A (अन्तःस्थलीय जलोत्सरण) में शेखावाटी क्षेत्र - सीकर, झुंझुनूं, नागौर व चूरू आते हैं। III-B (बाढ़ सम्भाव्य पूर्वी) में मत्स्य व बृज क्षेत्र - अलवर, भरतपुर, धौलपुर व करौली आते हैं। V (आर्द्र दक्षिण-पूर्वी) में हाड़ौती क्षेत्र - कोटा, बारां, बूंदी व झालावाड़ आते हैं जहाँ सोयाबीन, ज्वार, गेहूं व सरसों मुख्य फसलें हैं। इस प्रकार सही सुमेलन A-1, B-2, C-3, D-4 है, जो विकल्प A में दिया गया है।
12
राजस्थान में बागवानी (Horticulture) क्षेत्र एवं उत्पादन के आंकड़ों (2024-25) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.फल उत्पादन बढ़कर 13.84 लाख मीट्रिक टन (क्षेत्रफल 92,993 हेक्टेयर) हो गया है।
B.सब्जी उत्पादन 28.60 लाख मीट्रिक टन (क्षेत्रफल 2,04,755 हेक्टेयर) दर्ज किया गया है।
C.मसाला उत्पादन में भारी उछाल दर्ज किया गया और यह 14.69 लाख मीट्रिक टन (क्षेत्रफल 13.64 लाख हेक्टेयर) हो गया।
D.2024-25 में फलों व सब्जियों के उत्पादन में गिरावट आई है।
(a) केवल A, B और C
(b) केवल B और D
(c) केवल A और C
(d) A, B, C एवं D सभी
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
वर्ष 2024-25 के बागवानी आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में फल, सब्जी और मसालों तीनों के उत्पादन व क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। फल उत्पादन 2023-24 के 11.97 लाख MT से बढ़कर 13.84 लाख MT हो गया। सब्जी उत्पादन 27.11 लाख MT से बढ़कर 28.60 लाख MT हो गया। मसालों के उत्पादन में अप्रत्याशित उछाल आया और यह 3.79 लाख MT से बढ़कर 14.69 लाख MT हो गया, जिसका क्षेत्रफल भी 6.84 लाख हे. से बढ़कर 13.64 लाख हे. हो गया। अतः कथन D असत्य है क्योंकि उत्पादन में गिरावट नहीं बल्कि वृद्धि हुई है। सही विकल्प A है।
13
राजस्थान बजट 2026-27 के अनुसार बागवानी एवं कृषि विस्तार के तहत कौन सा प्रावधान सही नहीं है?
(a) 4,000 किसानों को Advanced Technology Greenhouse (Polyhouse/Shade-net) हेतु ₹200 करोड़ सब्सिडी
(b) 500 Solar Crop Dryers की स्थापना
(c) जीरा, धनिया, सौंफ और मेथी के क्षेत्रफल में 4,000 हेक्टेयर का विस्तार
(d) केवल 100 किसानों को पॉलीहाउस निर्माण के लिए ऋण देना
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
बजट 2026-27 में बागवानी को बढ़ावा देने हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। 4,000 किसानों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी ग्रीनहाउस (पॉलीहाउस/शेडनेट) की स्थापना के लिए ₹200 करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी। फसलों के फसलोत्तर नुकसान को रोकने के लिए 500 सोलर क्रॉप ड्रायर्स स्थापित किए जाएंगे। बीजीय मसालों जैसे जीरा, धनिया, सौंफ और मेथी के कृषि क्षेत्र में 4,000 हेक्टेयर का विस्तार किया जाएगा। साथ ही अलवर (प्याज-सब्जी), श्रीगंगानगर (किन्नू) और बांसवाड़ा (आम) में नए उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence) स्थापित किए जाएंगे। अतः विकल्प D में दी गई बात गलत है और यह सही उत्तर है।
14
राजस्थान में किस वित्तीय वर्ष में पहली बार पृथक 'कृषि बजट' (Separate Agriculture Budget) प्रस्तुत किया गया था और इसकी थीम क्या थी?
(a) वर्ष 2020-21, थीम: "आत्मनिर्भर किसान - समृद्ध राजस्थान"
(b) वर्ष 2021-22, थीम: "उन्नत कृषि - खुशहाल किसान"
(c) वर्ष 2022-23, थीम: "समृद्ध किसान - खुशहाल राजस्थान"
(d) वर्ष 2023-24, थीम: "तकनीकी कृषि - विकसित राजस्थान"
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में कृषि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और किसानों को केंद्रित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से पहली बार वर्ष 2022-23 के बजट में अलग से 'कृषि बजट' पेश किया गया था। इस ऐतिहासिक कृषि बजट की मुख्य थीम "समृद्ध किसान - खुशहाल राजस्थान" रखी गई थी। कृषि बजट में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता और जल संसाधन विभागों की योजनाओं को एकीकृत करके एक जगह बजट प्रावधान किया जाता है। अतः सही उत्तर विकल्प C है।
15
राजस्थान में बीज उत्पादन एवं मिनी-किट योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
A.राजस्थान राज्य बीज निगम (RSSCL) गुणवत्तापूर्ण बीजों के उत्पादन, खरीद व आपूर्ति की नोडल एजेंसी है।
B.मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना वर्ष 2017 में 3 कृषि-जलवायु क्षेत्रों से प्रारंभ होकर 2018-19 से सभी 10 क्षेत्रों में लागू की गई।
C.मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के तहत 10 वर्ष से कम पुरानी किस्मों के बीज (गेहूं, चना, सरसों, मूंग आदि) तैयार किए जाते हैं।
D.बजट 2026-27 के तहत मूंग के 5 लाख और मोठ के 1 लाख मिनी-किट 90% अनुदान पर दिए जाएंगे।
(a) केवल A और B
(b) केवल B, C और D
(c) केवल A, C और D
(d) A, B, C एवं D सभी
(e) अनुत्तरित प्रश्न
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में बीज क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु RSSCL नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है, जबकि प्रमाणन का कार्य RSSOCA (राजस्थान राज्य बीज एवं जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण एजेंसी) करती है। मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना 2017 में 3 कृषि जलवायु क्षेत्रों (कोटा, भीलवाड़ा, उदयपुर) से शुरू होकर 2018-19 से राज्य के सभी 10 कृषि जलवायु क्षेत्रों में लागू है। इसके तहत किसान स्वयं के खेतों में 10 वर्ष से कम पुरानी किस्मों के प्रामाणिक बीज तैयार करते हैं। बजट 2026-27 में मूंग के 5 लाख मिनी-किट तथा मोठ के 1 लाख मिनी-किट वितरित करने तथा 90% अनुदान पर 70,000 क्विंटल गुणवत्तापूर्ण बीज देने का प्रावधान किया गया है। अतः चारों कथन A, B, C व D सत्य हैं।
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