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📚 RAS Prelims Exam
विषय: GK & GS Paper अंक: 55 समय: 55 Minutes कुल प्रश्न: 55 व्याख्या: 55 / 55 दिनांक: Batch: RAS FOUNDATION COURSE
1
2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में अनुसूचित जनजाति (ST) की कुल जनसंख्या एवं राज्य की कुल जनसंख्या में इसका प्रतिशत कितना है?
(A) 92.39 लाख एवं 13.48%
(B) 84.15 लाख एवं 12.44%
(C) 98.42 लाख एवं 14.25%
(D) 76.50 लाख एवं 11.20%
📝 व्याख्या (Explanation)
2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में अनुसूचित जनजाति (ST) की कुल आबादी 92.39 लाख (9,238,534) दर्ज की गई है, जो राज्य की कुल जनसंख्या का 13.48% (लगभग 13.5%) है। राजस्थान की जनजातीय आबादी का 95% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है और इस वर्ग का लिंगानुपात 948 है। विकल्प B में दी गई संख्या 84.15 लाख तथा 12.44% गलत आंकड़े हैं जो 2001 की जनगणना से मेल खाते हैं। विकल्प C एवं D मनगढ़ंत आंकड़े प्रस्तुत करते हैं जो आधिकारिक 2011 जनगणना रिपोर्ट के अनुसार असत्य हैं।
2
राजस्थान में अनुसूचित जनजातियों के भौगोलिक वितरण एवं जनसांख्यिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राज्य में सर्वाधिक जनजाति जनसंख्या वाला जिला उदयपुर तथा न्यूनतम जनसंख्या वाला जिला बीकानेर है। B. जनजाति जनसंख्या के प्रतिशत की दृष्टि से बांसवाड़ा प्रथम स्थान पर है, जहाँ 76.4% आबादी जनजातीय है। C. राजस्थान की कुल जनजातीय जनसंख्या का 75% से अधिक भाग केवल 5 जिलों (बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही एवं उदयपुर) में संकेंद्रित है। D. वर्ष 2001 से 2011 के दशक में राजस्थान की जनजातीय जनसंख्या में 30.2% की दशकीय वृद्धि दर दर्ज की गई।
(A) केवल A और B
(B) केवल B और C
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
दिए गए सभी चारों कथन पूर्णतः सत्य हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में सर्वाधिक जनजाति जनसंख्या उदयपुर जिले में (15.25 लाख) तथा न्यूनतम बीकानेर जिले में निवास करती है, जबकि प्रतिशत की दृष्टि से बांसवाड़ा (76.4%) सर्वोच्च एवं बीकानेर (0.3%) न्यूनतम है। राजस्थान की 50% से अधिक जनजातीय आबादी केवल तीन दक्षिणी जिलों (बांसवाड़ा, डूंगरपुर एवं प्रतापगढ़) में तथा 75% से अधिक आबादी 5 जिलों में संकेंद्रित है। 2001-2011 के दशक के दौरान राज्य की एसटी जनसंख्या में 30.2% की दशकीय वृद्धि दर्ज की गई थी, अतः विकल्प D सही उत्तर है।
3
राजस्थान की जनजातियों एवं उनसे संबंधित विशिष्ट विशेषताओं का मिलान कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. मीना B. भील C. गरासिया D. सहरिया सूची-II: 1. राजस्थान की एकमात्र विशेष कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) 2. राजस्थान का तृतीय सबसे बड़ा जनजातीय समुदाय 3. राज्य में सर्वाधिक जनसंख्या (43.46%) वाली जनजाति 4. कर्नल टॉड द्वारा 'वनपुत्र' की संज्ञा प्राप्त जनजाति
(A) A-3, B-4, C-2, D-1
(B) A-2, B-3, C-4, D-1
(C) A-3, B-1, C-2, D-4
(D) A-4, B-3, C-1, D-2
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में जनजातियों का आकार क्रम इस प्रकार है: मीना जनजाति राज्य में सर्वाधिक जनसंख्या (43.46%) के साथ प्रथम स्थान पर है, भील जनजाति द्वितीय स्थान पर आती है जिन्हें कर्नल टॉड ने 'वनपुत्र' कहा था, गरासिया जनजाति तृतीय स्थान पर है तथा सहरिया जनजाति को केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान की एकमात्र विशेष कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) घोषित किया गया है। विकल्प B में मीना को द्वितीय तथा भील को तृतीय बताया गया है जो गलत है। विकल्प C और D में सहरिया तथा गरासिया के मिलान का क्रम त्रुटिपूर्ण है, अतः विकल्प A सही उत्तर है।
4
2011 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजाति की कुल जनसंख्या के संदर्भ में राजस्थान का कौन सा स्थान है?
(A) दूसरा स्थान
(B) चौथा स्थान
(C) छठा स्थान
(D) आठवां स्थान
📝 व्याख्या (Explanation)
वर्ष 2011 की जनगणना के समय भारत के विभिन्न राज्यों में अनुसूचित जनजाति की कुल जनसंख्या की दृष्टि से राजस्थान का छठा स्थान था। इस सूची में मध्य प्रदेश प्रथम, महाराष्ट्र द्वितीय तथा ओडिशा तृतीय स्थान पर रहे थे, हालांकि वर्तमान आंकड़ों के अनुसार राजस्थान चौथे स्थान पर आ गया है। विकल्प A में दिया गया दूसरा स्थान असत्य है क्योंकि राजस्थान कभी भी द्वितीय स्थान पर नहीं रहा है। विकल्प B वर्तमान स्थिति को दर्शाता है किंतु 2011 जनगणना प्रश्न के संदर्भ में छठा स्थान (विकल्प C) ही सही उत्तर है। विकल्प D पूरी तरह अप्रासंगिक है।
5
प्रतिशत की दृष्टि से राजस्थान के किस जिले में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या का प्रतिशत न्यूनतम (0.3%) दर्ज किया गया है?
(A) नागौर एवं बीकानेर
(B) चूरू एवं जैसलमेर
(C) बाड़मेर एवं जोधपुर
(D) हनुमानगढ़ एवं गंगानगर
📝 व्याख्या (Explanation)
2011 की जनगणना के अनुसार प्रतिशत की दृष्टि से राजस्थान में न्यूनतम जनजाति प्रतिशत वाले दो जिले बीकानेर (0.3%) एवं नागौर (0.3%) हैं, जहाँ जनजातीय आबादी नगण्य है। संख्या की दृष्टि से भी बीकानेर प्रथम एवं नागौर द्वितीय स्थान पर न्यूनतम जनजातीय जनसंख्या वाले जिले हैं। विकल्प B में चूरू भी न्यूनतम संख्या वाले जिलों में शामिल है परंतु प्रतिशत में 0.3% के साथ बीकानेर व नागौर शीर्ष पर हैं। विकल्प C एवं D पश्चिमी तथा उत्तरी राजस्थान के जिले हैं जहाँ जनजाति का प्रतिशत न्यूनतम नहीं है, अतः सही उत्तर विकल्प A है।
6
राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित आधिकारिक सूची के अनुसार राजस्थान में अधिसूचित जनजातियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राजस्थान में कुल 12 अनुसूचित जनजातियाँ एवं उनकी उप-जनजातियाँ सूची में उल्लेखित हैं। B. राज्य में अनुसूचित जनजातियों की सर्वाधिक आबादी शहरी क्षेत्रों में केंद्रित है। C. सांसी जनजाति को राजस्थान में अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची के स्थान पर अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। D. डामोर जनजाति मुख्य रूप से डूंगरपुर जिले के सीमलताड़ा (डामरिया क्षेत्र) में निवास करती है।
(A) केवल A और B
(B) केवल A, C और D
(C) केवल B और C
(D) केवल C और D
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A, C और D पूर्णतः सत्य हैं। राज्य सरकार की सूची में 12 अनुसूचित जनजातियाँ व उप-जनजातियाँ शामिल हैं। सांसी जनजाति को 1952 की अधिसूचना के तहत SC श्रेणी में रखा गया है तथा डामोर जनजाति सीमलताड़ा (डूंगरपुर) में केंद्रित है। कथन B असत्य है क्योंकि राजस्थान की 95% जनजातीय आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, न कि शहरी क्षेत्रों में। अतः जिस कूट में केवल A, C और D शामिल हैं (विकल्प B), वही सही उत्तर है।
7
'भील' शब्द की उत्पत्ति द्रविड़ भाषा के 'बिल' शब्द से मानी जाती है, जिसका शाब्दिक अर्थ क्या है?
(A) जंगल का निवासी
(B) धनुष (या धनुष-बाण)
(C) पहाड़ी योद्धा
(D) शिव का गण
📝 व्याख्या (Explanation)
'भील' शब्द की व्युत्पत्ति द्रविड़ भाषा के मूल शब्द 'बिल' या 'बिल्लू' से मानी जाती है, जिसका शाब्दिक अर्थ 'धनुष' या 'धनुष-बाण' होता है। प्राचीन काल से ही भील जनजाति के लोग धनुर्विद्या में अत्यंत निपुण रहे हैं, इसी कारण इनका नाम धनुष से जोड़ा गया है। विकल्प A में दिया गया 'जंगल का निवासी' कर्नल टॉड द्वारा दिए गए नाम 'वनपुत्र' का अर्थ प्रस्तुत करता है। विकल्प C और D भीलों के पारंपरिक युद्ध कौशल एवं धार्मिक पौराणिक मान्यताओं से जुड़े संदर्भ हैं, परंतु शब्द का भाषाई अर्थ धनुष ही है।
8
'भील' शब्द का सर्वप्रथम लिखित उल्लेख किस प्राचीन संस्कृत ग्रंथ में प्राप्त होता है?
(A) कालिदास रचित 'रघुवंशम'
(B) बाणभट्ट रचित 'कादंबरी'
(C) सोमदेव कृत 'कथासरित्सागर'
(D) कल्हण रचित 'राजतरंगिणी'
📝 व्याख्या (Explanation)
इतिहास और साहित्य में 'भील' शब्द का सर्वप्रथम प्रामाणिक उल्लेख 11वीं शताब्दी में कश्मीर के पंडित सोमदेव द्वारा रचित ग्रंथ 'कथासरित्सागर' में मिलता है। महाभारत में इस जनजाति के पूर्वजों को 'निषाद' कहा गया है तथा रामायण में शबरी के संदर्भ में भी भील संस्कृति का उल्लेख आता है। विकल्प A, B तथा D संस्कृत के प्रसिद्ध ग्रंथ हैं परंतु उनमें भील शब्द का प्रथम ऐतिहासिक उल्लेख दर्ज नहीं है, अतः सही उत्तर विकल्प C है।
9
भील जनजाति के ऐतिहासिक एवं उत्पत्ति संबंधी संदर्भों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. कर्नल जेम्स टॉड ने भीलों की जीवनशैली एवं वन क्षेत्रों में निवास के कारण उन्हें 'वनपुत्र' कहा था। B. प्रसिद्ध मानवशास्त्री D.N. मजूमदार ने अपनी पुस्तक 'Race and Cultures of India' में भीलों को 'नेग्रिटो नस्ल' से संबंधित माना है। C. ब्रिटिश विद्वान रोनो (Rono) ने अपनी पुस्तक 'Wild Tribes of India' में मारवाड़ को भीलों का आदिम स्थान माना है। D. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भील जनजाति अपना उद्भव भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से मानती है।
(A) केवल A, B और C
(B) केवल A और C
(C) केवल B, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A, B और C ऐतिहासिक संदर्भों के आधार पर सत्य हैं। कर्नल टॉड ने भीलों को 'वनपुत्र' कहा, डी.एन. मजूमदार ने इन्हें नेग्रिटो नस्ल का बताया तथा रोनो ने मारवाड़ को इनका मूल स्थान माना। कथन D असत्य है क्योंकि भील जनजाति अपना उद्भव भगवान शिव से मानती है, जबकि भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से उत्पत्ति की मान्यता मीना जनजाति की है। अतः कथन D गलत होने के कारण विकल्प A (केवल A, B और C) सही उत्तर है।
10
भील जनजाति में ऊँची पहाड़ियों एवं दुर्गम पर्वतीय ढलानों पर निवास करने वाले भीलों को किस नाम से जाना जाता है?
(A) वागरी भील
(B) पालवी भील
(C) गमेती भील
(D) रावत भील
📝 व्याख्या (Explanation)
भील जनजाति के क्षेत्रीय निवास के आधार पर दो मुख्य भेद पाए जाते हैं- ऊँची पहाड़ियों एवं पर्वतीय ढलानों पर रहने वाले भीलों को 'पालवी भील' कहा जाता है, जबकि मैदानी एवं घाटी क्षेत्रों में बसने वाले भीलों को 'वागरी भील' कहा जाता है। विकल्प C 'गमेती' भील गाँव के मुखिया का पद सूचक शब्द है। विकल्प D 'रावत' भीलों का एक सामाजिक उपसमूह है। अतः पहाड़ियों पर रहने वाले भीलों हेतु सही शब्दावली विकल्प B (पालवी भील) है।
11
भील जनजाति के सामाजिक एवं आवास शब्दावली को उनके सही अर्थ से सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. टापरा / कू B. ढलिया C. फला D. पाल सूची-II: 1. घर के सामने का बरामदा 2. भीलों का व्यक्तिगत मकान 3. 4 से 6 फला से मिलकर बना बड़ा गाँव 4. 8 से 10 मकानों की छोटी बस्ती
(A) A-2, B-1, C-4, D-3
(B) A-1, B-2, C-3, D-4
(C) A-2, B-4, C-1, D-3
(D) A-3, B-1, C-4, D-2
📝 व्याख्या (Explanation)
भील जनजाति की आवास व्यवस्था में विशिष्ट शब्दावली प्रयुक्त होती है। भीलों के व्यक्तिगत मकान को 'कू' या 'टापरा' कहा जाता है। मकान के सामने बने खुले बरामदे को 'ढलिया' कहते हैं। 8-10 मकानों की छोटी बस्ती 'फला' कहलाती है तथा 4-6 फला मिलकर एक बड़े गाँव 'पाल' का निर्माण करते हैं। विकल्प B, C और D में इन आवास घटकों के अर्थों का क्रम असंगत एवं त्रुटिपूर्ण है, अतः विकल्प A सही उत्तर है।
12
भील समाज में सामाजिक एवं धार्मिक व्यवस्था के अंतर्गत झाड़-फूंक, जादू-टोना एवं देवी-देवताओं की पूजा सम्पन्न कराने वाले व्यक्ति को क्या कहा जाता है?
(A) गमेती
(B) भोपा या दैवाली
(C) भगत
(D) पालजी
📝 व्याख्या (Explanation)
भील समाज में 'भोपा' या 'दैवाली' का पद मुखिया के बाद द्वितीय सबसे महत्वपूर्ण पद होता है, जो जादू-टोना, झाड़-फूंक तथा देवी-देवताओं से जुड़े अनुष्ठानों को सम्पन्न कराता है। विकल्प A 'गमेती' गाँव का राजनीतिक मुखिया होता है। विकल्प C 'भगत' समाज में तृतीय महत्वपूर्ण पद है जो पवित्र धार्मिक संस्कारों को सम्पन्न कराता है। विकल्प D 'पालजी' भी गाँव के बुजुर्ग या मुखिया के लिए प्रयुक्त नाम है। अतः सही उत्तर विकल्प B है।
13
भील जनजाति की विवाह एवं सामाजिक प्रथाओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. भील समाज में लड़के के पिता द्वारा लड़की के पिता को वधू मूल्य दिया जाता है, जिसे 'ढापा' या 'दापा' कहते हैं। B. भील समाज में तलाक की सामाजिक प्रथा को 'छेड़ा फाड़ना' कहा जाता है। C. नातरा प्रथा के तहत महिला के साथ आए बच्चे को भील समाज में 'गोलड' कहा जाता है। D. भील जनजाति में बहुविवाह का प्रचलन पूरी तरह प्रतिबंधित है और केवल एकविवाह ही मान्य है।
(A) केवल A और B
(B) केवल A, B और C
(C) केवल B और D
(D) केवल C और D
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A, B और C पूर्णतः सत्य हैं। भीलों में वधू मूल्य को 'दापा/ढापा' कहते हैं, तलाक को साड़ी का पल्लू फाड़कर 'छेड़ा फाड़ना' कहते हैं तथा नातरा (पुनर्विवाह) में स्त्री के साथ आए पूर्व पति के बच्चे को 'गोलड' कहा जाता है। कथन D असत्य है क्योंकि भील समाज में बहुविवाह (Poly-gamy) की प्रथा प्रचलित है तथा बाल विवाह का प्रचलन कम है। अतः विकल्प B (केवल A, B और C) सही उत्तर है।
14
भील जनजाति की पारंपरिक कृषि पद्धतियों एवं उनसे संबंधित क्षेत्रों का मिलान कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. चिमाता B. दाजिया (दनिया) C. वालरा D. महुआ सूची-II: 1. भीलों की कल्पवृक्ष समान पवित्र वनस्पति 2. मैदानी क्षेत्रों में की जाने वाली कृषि 3. पहाड़ी ढलानों पर की जाने वाली कृषि 4. जनजातियों द्वारा की जाने वाली स्थानांतरित (झूम) कृषि
(A) A-3, B-2, C-4, D-1
(B) A-2, B-3, C-4, D-1
(C) A-3, B-4, C-2, D-1
(D) A-1, B-2, C-3, D-4
📝 व्याख्या (Explanation)
भील जनजाति की अर्थव्यवस्था में कृषि एवं वन उत्पादों का विशेष स्थान है। भीलों द्वारा पहाड़ी ढलानों के वनों को जलाकर की जाने वाली खेती को 'चिमाता' कहा जाता है, जबकि मैदानी भागों में की जाने वाली खेती 'दाजिया' या 'दनिया' कहलाती है। समग्र रूप से आदिवासियों की स्थानांतरित कृषि को 'वालरा' कहते हैं। महुआ का पेड़ भीलों के लिए पवित्र वृक्ष (कच्ची शराब बनाने हेतु) है। विकल्प B, C तथा D में कृषि प्रकारों का मिलान गलत है, अतः विकल्प A सही उत्तर है।
15
भील पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली तंग या चुस्त धोती को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है?
(A) अंगराखी
(B) ढेपाड़ा
(C) पोट्या
(D) खोयतू
📝 व्याख्या (Explanation)
भील पुरुषों की पारंपरिक पोशाक में घुटनों तक पहनी जाने वाली तंग या चुस्त धोती को 'ढेपाड़ा' (हेपड़ा) कहा जाता है। सिर पर बांधी जाने वाली सफेद पगड़ी 'पोट्या' कहलाती है तथा रंगीन साफा 'फेंटा' कहलाता है। शरीर के ऊपरी भाग पर पहनी जाने वाली कमीज 'अंगराखी' तथा कमर पर लपेटा जाने वाला वस्त्र 'खोयतू' या 'फालू' कहलाता है। अतः चुस्त धोती के लिए सही उत्तर विकल्प B (ढेपाड़ा) है।
16
भील जनजाति की अविवाहित कन्याओं द्वारा ओढ़ी जाने वाली विशिष्ट ओढ़नी को किस नाम से जाना जाता है?
(A) कछाबू
(B) पिरिया
(C) कटकी (चिराम भांट / पावली भांट)
(D) परिजनी
📝 व्याख्या (Explanation)
भील समाज में अविवाहित लड़कियों द्वारा ओढ़ी जाने वाली पारंपरिक ओढ़नी को 'कटकी' कहा जाता है, जो चिराम भांट या पावली भांट की छपाई वाली होती है। विकल्प A 'कछाबू' महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला घाघरा है। विकल्प B 'पिरिया' दुल्हन द्वारा विवाह के अवसर पर पहनी जाने वाली पीली साड़ी या वस्त्र है। विकल्प D 'परिजनी' पैरों में पहने जाने वाले आभूषण या कड़े हैं। अतः अविवाहित कन्याओं की ओढ़नी हेतु विकल्प C सही उत्तर है।
17
'मीना' शब्द की व्युत्पत्ति किस संस्कृत शब्द से हुई है तथा यह किस पौराणिक पौराणिक अवतार से संबंधित मानी जाती है?
(A) 'मिश्र' शब्द से - कल्पद्रुम अवतार
(B) 'मत्स्य' शब्द से - भगवान विष्णु का मीन अवतार
(C) 'मित्र' शब्द से - सूर्य अवतार
(D) 'मृग' शब्द से - वराह अवतार
📝 व्याख्या (Explanation)
'मीना' शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 'मत्स्य' शब्द से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ 'मछली' होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मीना जनजाति अपनी उत्पत्ति भगवान विष्णु के प्रथम 'मीन अवतार' (मत्स्य अवतार) से मानती है। जैन मुनि मगन सागर जी द्वारा रचित 'मीन पुराण' ग्रंथ में मीना जनजाति के 5200 गोत्रों एवं इतिहास का विशद वर्णन मिलता है। अन्य विकल्प A, C और D काल्पनिक एवं गलत पौराणिक संदर्भ प्रस्तुत करते हैं, अतः विकल्प B सही है।
18
मीना जनजाति के मुख्य सामाजिक वर्गों 'जमींदार मीना' एवं 'चौकीदार मीना' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. जमींदार मीना मुख्य रूप से कृषि एवं पशुपालन कार्य में संलग्न रहे हैं और यह वर्ग आर्थिक रूप से अपेक्षाकृत समृद्ध है। B. चौकीदार मीना ऐतिहासिक रूप से राजा-महाराजाओं के महलों, किलों तथा गाँवों की चौकसी का कार्य करते थे। C. जमींदार मीना मुख्यतः जयपुर एवं दौसा क्षेत्रों में संकेंद्रित हैं जबकि चौकीदार मीना हाड़ौती एवं मेवाड़ क्षेत्रों में पाए जाते हैं। D. इन दोनों वर्गों के अतिरिक्त पड़िहार, रावत, चौथिया एवं भील मीना भी इस जनजाति के अन्य उपसमूह हैं।
(A) केवल A, B और D
(B) केवल A और C
(C) केवल B, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A, B और D पूर्णतः सत्य हैं। मीना जनजाति दो प्रमुख सामाजिक भागों में बंटी है: जमींदार मीना (कृषि कार्य करने वाले, जो हाड़ौती, उदयपुर, डूंगरपुर आदि में अधिक हैं) और चौकीदार मीना (किले/गाँव की सुरक्षा करने वाले, जो जयपुर, दौसा, करौली में अधिक हैं)। कथन C असत्य है क्योंकि इसमें इन दोनों वर्गों का भौगोलिक क्षेत्र परस्पर बदल दिया गया है (चौकीदार मीना जयपुर-दौसा में तथा जमींदार मीना मेवाड़-हाड़ौती में केंद्रित हैं)। अतः सही उत्तर विकल्प A है।
19
मीना जनजाति में सामाजिक विवादों के निपटारे के लिए गठित सबसे बड़ी पारंपरिक सामाजिक संस्था या पंचायत को क्या कहते हैं?
(A) चौरासी पंचायत
(B) पंच पटेल
(C) पाल पंचायत
(D) गोत्र सभा
📝 व्याख्या (Explanation)
मीना समाज में ग्राम स्तर की पंचायतों के ऊपर 84 गाँवों की एक सबसे बड़ी पारंपरिक पंचायत होती है जिसे 'चौरासी' या 'चौरासी पंचायत' कहा जाता है। इस पंचायत के निर्णयों का पालन समाज के सभी सदस्यों के लिए बाध्यकारी होता है तथा इसके प्रमुखों को 'पंच पटेल' कहा जाता है। विकल्प B 'पंच पटेल' गाँव एवं चौरासी पंचायत के मुखियाओं का समूह है। विकल्प C 'पाल' भीलों एवं गरासियों से संबंधित है। अतः सही उत्तर विकल्प A है।
20
मीना जनजाति के विभिन्न क्षेत्रीय उप-समूहों को उनके निवास क्षेत्रों से सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. नया वासी / पुराना बासी B. चौथिया मीना C. पड़िहार मीना D. देढ़िया मीना सूची-II: 1. गोडवाड़ एवं जालौर क्षेत्र 2. कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा एवं टोंक 3. हाड़ौती क्षेत्र 4. मारवाड़ क्षेत्र
(A) A-3, B-4, C-2, D-1
(B) A-2, B-3, C-4, D-1
(C) A-3, B-1, C-2, D-4
(D) A-4, B-3, C-1, D-2
📝 व्याख्या (Explanation)
मीना जनजाति में प्रादेशिक आधार पर अनेक उप-शाखाएँ पाई जाती हैं। हाड़ौती क्षेत्र के मीना 'नया वासी' तथा 'पुराना बासी' कहलाते हैं। मारवाड़ क्षेत्र में पाए जाने वाले मीना 'चौथिया मीना' (चौथ वसूलने वाले) कहलाते हैं। कोटा, बूंदी, टोंक व भीलवाड़ा क्षेत्र में 'पड़िहार मीना' संकेंद्रित हैं, तथा गोडवाड़ व जालौर क्षेत्र में 'देढ़िया मीना' पाए जाते हैं। सही मिलान A-3, B-4, C-2, D-1 है, जो विकल्प A में दिया गया है।
21
मीना जनजाति के लोग किस लोक देवता या पवित्र स्थल की झूठी कसम (शपथ) कभी नहीं खाते हैं?
(A) भूरिया बाबा (गौतमेश्वर)
(B) भाकर बावजी
(C) तेजाजी
(D) रामदेवजी
📝 व्याख्या (Explanation)
मीना जनजाति में सिरोही (पोषालिया) तथा प्रतापगढ़ स्थित 'भूरिया बाबा' (जिन्हें गौतमेश्वर जी भी कहा जाता है) को परम आराध्य माना जाता है। मीना समाज के लोग भूरिया बाबा की झूठी कसम कभी नहीं खाते हैं। विकल्प B 'भाकर बावजी' सांसी एवं गरासिया जनजाति के आराध्य हैं। विकल्प C 'तेजाजी' सहरिया जनजाति के कुलदेवता हैं तथा विकल्प D 'रामदेवजी' मारवाड़ के सर्वमान्य लोकदेवता हैं। अतः सही उत्तर विकल्प A (भूरिया बाबा) है।
22
मीना जनजाति की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. मीना जनजाति राजस्थान की सभी जनजातियों में शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से सबसे अधिक सशक्त एवं शिक्षित जनजाति है। B. मीना समाज पितृसत्तात्मक है तथा इसमें एक ही गोत्र (समगोत्र) में विवाह पूर्णतः वर्जित होता है। C. इस जनजाति में महिलाओं एवं पुरुषों में शरीर पर टैटू (गोदना) गुदवाने का अत्यधिक प्रचलन है। D. मीना समाज के मुख्य कुल देवता 'बुजदेवता' माने जाते हैं।
(A) केवल A और B
(B) केवल B और C
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
दिए गए चारों कथन पूर्णतः सत्य हैं। मीना जनजाति राजस्थान में सर्वाधिक जनसंख्या (43.46%) वाली जनजाति होने के साथ-साथ सबसे अधिक साक्षर और आर्थिक रूप से सुदृढ़ है। समाज पितृसत्तात्मक एवं बहिर्विवाही (समगोत्र विवाह वर्जित) है। इनमें टैटू (गोदना) कला अत्यंत प्रिय है तथा इनके ग्राम देव/कुलदेव के रूप में 'बुजदेवता' पूजे जाते हैं। अतः विकल्प D सही उत्तर है।
23
कर्नल जेम्स टॉड के अनुसार मीना जनजाति का मूल निवास स्थान कहाँ माना गया है?
(A) काली खोह पर्वतमाला (जयपुर-दौसा)
(B) आबू पर्वत श्रृंखला (सिरोही)
(C) विंध्याचल श्रेणी (चित्तौड़गढ़)
(D) छप्पन का मैदान (बांसवाड़ा)
📝 व्याख्या (Explanation)
इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड के विवरण के अनुसार मीना जनजाति का मूल आदिम निवास स्थान जयपुर और दौसा के मध्य फैली 'काली खोह' पहाड़ी (पर्वतमाला) माना गया है, जहाँ से इनका विस्तार आमेर एवं ढूंढाड़ राज्य में हुआ था। विकल्प B गरासिया जनजाति का तथा विकल्प D भील व दामोर जनजातियों का मुख्य प्रभाव क्षेत्र है। अतः कर्नल टॉड के अनुसार सही उत्तर विकल्प A है।
24
मीना जनजाति में प्रचलित विवाह की विभिन्न शैलियों में कौन सी विवाह प्रणाली शामिल नहीं है?
(A) ब्रह्मा विवाह
(B) गंधर्व विवाह
(C) ताणना विवाह
(D) अता-सता (विनिमय) विवाह
📝 व्याख्या (Explanation)
मीना समाज में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार ब्रह्मा विवाह, गंधर्व विवाह, राक्षस विवाह, नाता प्रथा एवं अता-सता (विनिमय विवाह) प्रचलित हैं। विकल्प C में दिया गया 'ताणना विवाह' गरासिया जनजाति का विशिष्ट विवाह प्रकार है जिसमें बिना फेरों के केवल दापा (वधू मूल्य) चुकाकर विवाह किया जाता है। अतः ताणना विवाह मीना जनजाति से संबंधित नहीं है, इसलिए विकल्प C सही उत्तर है।
25
राजस्थान की तीसरी सबसे बड़ी जनजाति 'गरासिया' का मुख्य संकेंद्रण किस जिले की आबू रोड एवं पिंडवाड़ा तहसीलों में पाया जाता है?
(A) सिरोही
(B) उदयपुर
(C) पाली
(D) डूंगरपुर
📝 व्याख्या (Explanation)
गरासिया जनजाति जनसंख्या के मामले में राजस्थान का तीसरा सबसे बड़ा आदिवासी समूह है। इस जनजाति का मूल एवं सर्वाधिक संकेंद्रण सिरोही जिले की आबू रोड और पिंडवाड़ा तहसीलों में है। इसके अलावा ये पाली की बाली तथा उदयपुर की गोगुंदा व कोटड़ा तहसीलों में भी निवास करते हैं। अतः सिरोही जिला (विकल्प A) गरासियों का मुख्य निवास स्थान है।
26
गरासिया जनजाति की उत्पत्ति, नामकरण एवं सामाजिक वर्गीकरण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'गरासिया' शब्द की उत्पत्ति 'गरास' शब्द से मानी जाती है, जिसका अर्थ 'भूमि' या 'भूमि का टुकड़ा' होता है। B. गरासिया समाज स्वयं को राजपूतों का वंशज मानता है। C. गरासिया पुरुष एवं भील महिला के अंतर-जातीय विवाह से उत्पन्न संतति को 'भील गरासिया' कहा जाता है। D. गरासिया समाज तीन सामाजिक खंडों (मोती न्यात, नेनकी न्यात एवं निचली न्यात) में विभाजित है।
(A) केवल A, B और D
(B) केवल A और C
(C) केवल B और C
(D) केवल C और D
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A, B और D सत्य हैं। गरास का अर्थ भूमि का टुकड़ा है, ये स्वयं को राजपूत वंशज मानते हैं तथा समाज तीन न्यातों में बंटा है (मोती न्यात सर्वोच्च है)। कथन C असत्य है क्योंकि गरासिया पुरुष और भील महिला से उत्पन्न संतति को 'गमेती गरासिया' कहा जाता है, जबकि भील पुरुष और गरासिया महिला के विवाह से बनी संतति 'भील गरासिया' कहलाती है। अतः गलत कथन C को छोड़कर विकल्प A सही उत्तर है।
27
गरासिया जनजाति की विशिष्ट आवास एवं ग्रामीण शब्दावली को उनके सही अर्थ से सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. घेर B. फलिया C. सोहरी D. सहलोत / पालवी सूची-II: 1. अनाज संग्रह हेतु प्रयुक्त कोठी 2. गरासियों के गाँव का मुखिया 3. गरासिया जनजाति का मकान 4. गरासियों के छोटे गाँव या बस्ती
(A) A-3, B-4, C-1, D-2
(B) A-4, B-3, C-2, D-1
(C) A-3, B-1, C-4, D-2
(D) A-2, B-4, C-1, D-3
📝 व्याख्या (Explanation)
गरासिया जनजाति में मकानों को 'घेर' कहा जाता है। गाँवों को 'फलिया' कहते हैं। अनाज सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी की बनाई गई कोठी को 'सोहरी' कहते हैं, तथा गरासियों के गाँव/पाल का मुखिया 'सहलोत' या 'पालवी' कहलाता है। विकल्प B, C और D में सुमेलित क्रम गलत दिया गया है, अतः विकल्प A सही उत्तर है।
28
गरासिया जनजाति में प्रचलित विवाह के विभिन्न प्रकारों को उनकी विशेषताओं से सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. मोर बांधिया B. ताणना C. पहरावणा D. खेवणो सूची-II: 1. बिना फेरे के केवल वधू मूल्य (दापा) देकर किया जाने वाला विवाह 2. भागकर किया जाने वाला विवाह (Love Marriage) 3. नाममात्र के फेरे (बिना ब्राह्मण के) होने वाला विवाह 4. फेरे एवं चंवरी युक्त मुख्य औपचारिक विवाह
(A) A-4, B-1, C-3, D-2
(B) A-1, B-4, C-2, D-3
(C) A-4, B-3, C-1, D-2
(D) A-2, B-1, C-4, D-3
📝 व्याख्या (Explanation)
गरासिया जनजाति में विवाह के अनोखे प्रकार प्रचलित हैं: 'मोर बांधिया' सर्वाधिक सम्मानजनक विवाह है जिसमें ब्रह्म विवाह की भांति फेरे होते हैं; 'ताणना' विवाह में फेरे नहीं होते केवल 12 बछड़े व 12 रोल कपड़ा दापा के रूप में दिया जाता है; 'पहरावणा' में बिना पंडित के नाममात्र के फेरे होते हैं; तथा 'खेवणो' प्रेमी-प्रेमिका द्वारा भागकर किया जाने वाला विवाह है। अतः सही मिलान A-4, B-1, C-3, D-2 (विकल्प A) है।
29
गरासिया जनजाति का सबसे प्रसिद्ध एवं पवित्र लोकनृत्य कौन सा है, जिसे 'गरासियों का घूमर' भी कहा जाता है?
(A) गैर नृत्य
(B) वालर नृत्य
(C) मोरिया नृत्य
(D) हाथीमाना नृत्य
📝 व्याख्या (Explanation)
'वालर नृत्य' गरासिया जनजाति का सर्वाधिक प्रसिद्ध, मंथर गति से बिना किसी वाद्ययंत्र के किया जाने वाला नृत्य है, जिसे 'गरासियों का घूमर' कहा जाता है। इसमें स्त्री एवं पुरुष दो अर्धवृत्तों में हाथ में छाता या तलवार लेकर नृत्य करते हैं। विकल्प A (गैर) एवं C (मोरिया) भी गरासियों के नृत्य हैं परंतु उन्हें घूमर नहीं कहा जाता। विकल्प D (हाथीमाना) भील जनजाति का घुटने पर बैठकर किया जाने वाला विवाह नृत्य है। अतः सही उत्तर विकल्प B है।
30
सिरोही जिले में आयोजित होने वाला कौन सा मेला गरासिया जनजाति का सबसे बड़ा लक्खी मेला माना जाता है?
(A) सीताबाड़ी का मेला
(B) मांखा रो मेलो
(C) चेतर विचित्र मेला
(D) बेनेश्वर मेला
📝 व्याख्या (Explanation)
सिरोही जिले के आबू रोड क्षेत्र में आयोजित होने वाला 'मांखा रो मेलो' गरासिया जनजाति का सबसे बड़ा महाकुंभ या मेला माना जाता है। विकल्प A 'सीताबाड़ी मेला' (बारां) सहरिया जनजाति का कुंभ है। विकल्प C 'चेतर विचित्र मेला' (कोटेश्वर के पास) भी गरासियों का मेला है पर सबसे बड़ा नहीं है। विकल्प D 'बेनेश्वर मेला' भीलों का महाकुंभ है। अतः सही उत्तर विकल्प B है।
31
गरासिया जनजाति की धार्मिक एवं आर्थिक मान्यताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. गरासिया जनजाति माउंट आबू की 'नक्की झील' को अपना सबसे पवित्र तीर्थ मानती है तथा इसमें अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करती है। B. इस जनजाति में 'हरि भवरी' नामक सामुदायिक कृषि की परंपरा प्रचलित है। C. गरासिया समाज में भाखर बावजी एवं घोड़ा बावजी को स्थानीय देवता के रूप में पूजा जाता है। D. गरासिया समाज में एक ही कुल/गोत्र में विवाह करने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है।
(A) केवल A, B और C
(B) केवल A और C
(C) केवल B, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A, B और C पूर्णतः सत्य हैं। गरासिया नक्की झील में अस्थि विसर्जन करते हैं, 'हरि भवरी' इनकी सहकारिता आधारित सामूहिक खेती है तथा भाखर बावजी इनके देवता हैं। कथन D असत्य है क्योंकि गरासिया समाज में एक ही कुल/गोत्र (समगोत्र) में विवाह सख्त वर्जित होता है तथा केवल गोत्र से बाहर (बहिर्विवाह) ही संबंध मान्य होते हैं। अतः विकल्प A सही उत्तर है।
32
भारत सरकार द्वारा घोषित 'विशेष कमजोर जनजातीय समूह' (PVTG - Particularly Vulnerable Tribal Group) में शामिल राजस्थान की एकमात्र जनजाति कौन सी है?
(A) कथोड़ी जनजाति
(B) सहरिया जनजाति
(C) कंजर जनजाति
(D) दामोर जनजाति
📝 व्याख्या (Explanation)
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा देश की अति-पिछड़ी 75 जनजातियों को PVTG सूची में शामिल किया गया है, जिसमें राजस्थान से शामिल होने वाली एकमात्र जनजाति 'सहरिया जनजाति' है। सहरिया जनजाति का सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ापन अत्यधिक होने के कारण इन्हें यह विशेष दर्जा दिया गया है। अन्य तीनों जनजातियाँ (कथोड़ी, कंजर, दामोर) राजस्थान की जनजातियाँ हैं परंतु वे PVTG सूची में सम्मिलित नहीं हैं, अतः विकल्प B सही उत्तर है।
33
सहरिया जनजाति का सर्वाधिक संकेंद्रण राजस्थान के किस जिले की शाहबाद एवं किशनगंज तहसीलों में स्थित है?
(A) बारां
(B) कोटा
(C) झालावाड़
(D) सवाई माधोपुर
📝 व्याख्या (Explanation)
सहरिया जनजाति राजस्थान के बारां जिले की दो तहसीलों- 'शाहबाद' और 'किशनगंज' में मुख्य रूप से (90% से अधिक) संकेंद्रित है। यद्यपि कुछ आबादी कोटा और झालावाड़ में भी पाई जाती है, परंतु इनका मूल एवं प्रमुख क्षेत्र बारां ही है। अतः विकल्प A (बारां) सही उत्तर है।
34
सहरिया जनजाति की सामाजिक संरचना एवं परंपराओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. सहरिया शब्द की उत्पत्ति फारसी/संस्कृत के 'शहर' शब्द से हुई है, जिसका अर्थ जंगल होता है। B. सहरिया समाज में पुरुषों द्वारा टैटू (गोदना) गुदवाना सख्त वर्जित है, जबकि महिलाएँ गोदना गुदवाती हैं। C. सहरिया समाज में दहेज प्रथा एवं श्राद्ध कर्म पूरी तरह प्रतिबंधित होते हैं। D. सहरिया जनजाति के आदि पुरुष महर्षि वाल्मीकि, कुलदेवी कौड़िया माता तथा कुलदेवता तेजाजी माने जाते हैं।
(A) केवल A और B
(B) केवल B, C और D
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
दिए गए चारों कथन पूर्णतः सत्य हैं। सहरिया 'शहर' (जंगल) से बना है। इनके समाज में अनोखा नियम है कि पुरुष गोदना नहीं गुदवा सकते (केवल महिलाएँ गुदवाती हैं)। इनमें दहेज एवं श्राद्ध प्रतिबंधित हैं, महिलाएँ घर के बाहर घूंघट नहीं करतीं। महर्षि वाल्मीकि को आदि पुरुष, कौड़िया माता को कुलदेवी एवं तेजाजी को कुलदेवता माना जाता है। अतः विकल्प D सही उत्तर है।
35
सहरिया जनजाति की आवास एवं सामाजिक संस्थाओं की शब्दावली को उनके सही अर्थ से सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. सहरोल B. कोतवाल C. गोपणा / टोपा / कोरुआ D. ढालिया / हथाई / बंगला सूची-II: 1. पेड़ों/वृक्षों पर मचाननुमा बनाया गया घर 2. सहरिया जनजाति का गाँव 3. गाँव के बीच बना सामुदायिक केंद्र या बैठक 4. सहरिया गाँव का मुखिया
(A) A-2, B-4, C-1, D-3
(B) A-4, B-2, C-3, D-1
(C) A-2, B-1, C-4, D-3
(D) A-3, B-4, C-1, D-2
📝 व्याख्या (Explanation)
सहरिया जनजाति की बस्तियों को 'सहरोल' कहा जाता है। सहरोल (गाँव) के मुखिया को 'कोतवाल' कहा जाता है। खेतों/जंगलों में पेड़ों के ऊपर मचान की तरह बनाए गए झोपड़ों को 'गोपणा', 'टोपा' या 'कोरुआ' कहते हैं। सहरिया गाँव के केंद्र में स्थित सामुदायिक छतदार स्थल को 'ढालिया', 'हथाई' या 'बंगला' कहा जाता है। सही मिलान A-2, B-4, C-1, D-3 (विकल्प A) है।
36
बारां जिले में आयोजित होने वाला कौन सा प्रसिद्ध मेला 'सहरिया जनजाति का कुंभ' कहलाता है?
(A) बेनेश्वर मेला
(B) सीताबाड़ी का मेला
(C) कपिलाधारा का मेला
(D) गौतमी मेला
📝 व्याख्या (Explanation)
बारां जिले के केलवाड़ा के समीप लगने वाला 'सीताबाड़ी मेला' सहरिया जनजाति का सबसे बड़ा पवित्र तीर्थ एवं 'सहरियों का कुंभ' कहलाता है। यहाँ महर्षि वाल्मीकि का आश्रम एवं सीता कुंड स्थित हैं जहाँ सहरिया अपने पूर्वजों की अस्थियाँ विसर्जित करते हैं। विकल्प A 'बेनेश्वर मेला' भीलों का कुंभ है। विकल्प C (कपिलाधारा) भी सहरिया क्षेत्र का जलस्रोत है पर मुख्य मेला सीताबाड़ी ही है। अतः विकल्प B सही है।
37
सहरिया जनजाति में सामाजिक विवादों के समाधान हेतु कितने स्तरों की पारंपरिक पंचायत व्यवस्था पाई जाती है?
(A) दो स्तर (पंच और सरपंच)
(B) तीन स्तर (पंच लाई, एक दशिया, चौरासी)
(C) चार स्तर (फला, पाल, चौरासी, महापंचायत)
(D) केवल एक ग्राम स्तर
📝 व्याख्या (Explanation)
सहरिया जनजाति में सामाजिक नियमों का पालन कराने हेतु 3 स्तरों की पंचायत व्यवस्था पाई जाती है: 1. पंच लाई (पाँच गाँवों की पंचायत), 2. एक दशिया (ग्यारह गाँवों की पंचायत), तथा 3. चौरासी (84 गाँवों की सबसे बड़ी महापंचायत, जो वाल्मीकि मंदिर सीताबाड़ी में बैठती है)। अतः तीन स्तरीय व्यवस्था हेतु विकल्प B सही उत्तर है।
38
राजस्थान की 'दामोर' (डामोर) जनजाति का मुख्य निवास क्षेत्र डूंगरपुर जिले की किस पंचायत समिति या क्षेत्र में स्थित है?
(A) सीमलताड़ा (डामरिया क्षेत्र)
(B) पिंडवाड़ा
(C) शाहबाद
(D) गोगुंदा
📝 व्याख्या (Explanation)
दामोर (डामोर) जनजाति मुख्य रूप से डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा (सीमलताड़ा) पंचायत समिति के 'डामरिया क्षेत्र' में केंद्रित है। इसके अतिरिक्त यह बांसवाड़ा और उदयपुर की सीमा पर भी पाई जाती है। विकल्प B 'पिंडवाड़ा' (सिरोही) गरासियों का क्षेत्र है, विकल्प C 'शाहबाद' (बारां) सहरियों का क्षेत्र है, तथा विकल्प D 'गोगुंदा' (उदयपुर) भी गरासियों का क्षेत्र है। अतः सही उत्तर विकल्प A है।
39
दामोर (डामोर) जनजाति की सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवनशैली से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. दामोर जनजाति के गाँव के मुखिया को 'मुखी' कहा जाता है। B. इस जनजाति की भाषा 'वागड़ी' है, जिस पर गुजराती भाषा का अत्यधिक प्रभाव दिखाई देता है। C. दामोर समाज की एक अनूठी विशेषता यह है कि इसमें पुरुष भी महिलाओं की भाँति गहने (आभूषण) पहनते हैं। D. दामोर जनजाति में देवर-बट्टा (मृत पति के भाई से विवाह), बहुविवाह तथा नाता प्रथा का प्रचलन पाया जाता है।
(A) केवल A और B
(B) केवल B, C और D
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
दिए गए चारों कथन पूर्णतः सत्य हैं। दामोर जनजाति के मुखिया 'मुखी' कहलाते हैं। इनकी वागड़ी बोली पर गुजरात की समीपता के कारण गुजराती का प्रभाव है। पुरुषों द्वारा महिलाओं की तरह आभूषण पहनना इनकी अनूठी पहचान है। इनमें दापा (वधू मूल्य), बहुविवाह, नाता तथा देवर-बट्टा (विधवा का देवर से विवाह) प्रथाएँ प्रचलित हैं। अतः विकल्प D सही उत्तर है।
40
दामोर जनजाति द्वारा मनाए जाने वाले प्रमुख मेलों एवं त्योहारों को उनके स्थानों से सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. छैला बावजी का मेला B. ग्यारस की रेवाड़ी का मेला C. बेनेश्वर मेला D. होली उत्सव सूची-II: 1. डूंगरपुर (सोम-माही संगम) 2. संपूर्ण डामरिया क्षेत्र में रंगोत्सव 3. पंचमहल (गुजरात) 4. डूंगरपुर
(A) A-3, B-4, C-1, D-2
(B) A-4, B-3, C-2, D-1
(C) A-3, B-1, C-4, D-2
(D) A-1, B-4, C-3, D-2
📝 व्याख्या (Explanation)
दामोर जनजाति के लोग गुजरात की सीमा से लगे होने के कारण दोनों राज्यों के मेलों में भाग लेते हैं। 'छैला बावजी का मेला' पंचमहल (गुजरात) में भरता है, 'ग्यारस की रेवाड़ी का मेला' डूंगरपुर में भरता है, बेनेश्वर मेला सोम-माही-जखम संगम पर तथा होली उत्सव पूरे क्षेत्र में उत्साह से मनाते हैं। सही मिलान A-3, B-4, C-1, D-2 (विकल्प A) है।
41
दामोर जनजाति की मुख्य आर्थिक गतिविधि एवं आजीविका का प्राथमिक साधन क्या है?
(A) खैर के पेड़ से कत्था तैयार करना
(B) खेती (कृषि) एवं पशुपालन
(C) शिकार एवं वनों से शहद एकत्र करना
(D) हस्तशिल्प एवं मिट्टी के बर्तन बनाना
📝 व्याख्या (Explanation)
दामोर जनजाति अन्य घुमंतू जनजातियों की तुलना में एक स्थायी कृषक समाज है। इनका मुख्य व्यवसाय खेती (मक्का, गेहूं, चना, गन्ना) तथा पशुपालन (गाय-बकरी पालन) है। विकल्प A (कत्था बनाना) कथोड़ी जनजाति का कार्य है। विकल्प C व D अन्य जनजातियों के पारंपरिक व्यवसाय हैं। अतः डामोर जनजाति हेतु सही उत्तर विकल्प B है।
42
हाड़ौती क्षेत्र (कोटा, बूंदी, झालावाड़) में पाई जाने वाली 'कंजर' जनजाति का नाम फारसी के किस शब्द से व्युत्पन्न माना जाता है?
(A) 'कनकचार' या 'काननचार' (जंगल में विचरण करने वाला / घुमक्कड़)
(B) 'कठौड़ा' (कत्था बनाने वाला)
(C) 'किरात' (पहाड़ी शिकारी)
(D) 'कालबेलिया' (सपेरा)
📝 व्याख्या (Explanation)
'कंजर' शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 'काननचार' या फारसी के शब्द से मानी जाती है जिसका अर्थ 'जंगल में विचरण करने वाला', 'जिप्सी' या 'घुमक्कड़' होता है। ऐतिहासिक रूप से यह एक घुमंतू जनजाति रही है जो कोटा, बूंदी, झालावाड़, भरतपुर एवं अजमेर में निवास करती है। विकल्प B कथोड़ी से संबंधित है। अतः सही उत्तर विकल्प A है।
43
कंजर जनजाति की सामाजिक परंपराओं एवं अनूठी मान्यताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. अपराध (लूट-पाट या चोरी) करने से पूर्व देवी-देवताओं से आशीर्वाद लेने की परंपरा को 'पाती मोगना' (पंती मंगना) कहा जाता है। B. कंजर जनजाति के लोग 'हाकम राजा का प्याला' पीकर कभी झूठ नहीं बोलते हैं। C. भागे जाने के भय या सुरक्षा हेतु कंजरों के मकानों के पीछे की तरफ खिड़की होना अनिवार्य होता है। D. कंजर समाज में व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात् शव को जलाया जाता है तथा मुँह में तुलसी का जल डाला जाता है।
(A) केवल A, B और C
(B) केवल A और C
(C) केवल B, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
कथन A, B और C पूर्णतः सत्य हैं। कंजरों में अपराध से पूर्व ईश्वर से आशीर्वाद माँगना 'पाती मोगना' कहलाता है, हाकम राजा का प्याला पीकर ये झूठ नहीं बोलते तथा भागने हेतु घर के पीछे खिड़की रखते हैं। कथन D असत्य है क्योंकि कंजर समाज में शव को जलाया नहीं जाता बल्कि दफनाया जाता है तथा मृत व्यक्ति के मुँह में पानी की जगह शराब (मदिरा) की बूंदें डाली जाती हैं। अतः कथन D गलत होने से विकल्प A सही उत्तर है।
44
कंजर जनजाति को ब्रिटिश काल में '1871 के आपराधिक जनजाति अधिनियम' के तहत रखा गया था। स्वतंत्रता के पश्चात् किस वर्ष इस जनजाति को इस अधिनियम से मुक्त (विमुक्त) घोषित किया गया?
(A) 1947 में
(B) 1950 में
(C) 1952 में
(D) 1956 में
📝 व्याख्या (Explanation)
ब्रिटिश सरकार ने 1871 में 'Criminal Tribes Act' (आपराधिक जनजाति अधिनियम) लागू कर कंजर जनजाति को जन्मजात अपराधी घोषित कर दिया था। भारत की आजादी के बाद 1952 में भारत सरकार द्वारा अधिसूचना जारी करके इस अधिनियम को समाप्त कर दिया गया और इन्हें 'विमुक्त जाति' का दर्जा दिया गया। अतः सही उत्तर विकल्प C (1952) है।
45
मूल रूप से महाराष्ट्र राज्य से आकर राजस्थान के उदयपुर जिले में बसी 'कथोड़ी' जनजाति का नामकरण किस आधार पर हुआ है?
(A) कथक नृत्य करने के कारण
(B) खैर के पेड़ से 'कत्था' तैयार करने के कारण
(C) काठ (लकड़ी) के बर्तन बनाने के कारण
(D) काठियावाड़ क्षेत्र से आने के कारण
📝 व्याख्या (Explanation)
कथोड़ी जनजाति मूलतः महाराष्ट्र की जनजाति है जिन्हें उदयपुर के बोहरा समाज द्वारा खैर के वनों से कत्था तैयार करने हेतु लाया गया था। कुल्हाड़ी द्वारा खैर (Acacia catechu) के पेड़ की छाल को उबालकर 'कत्था' बनाने में पारंगत होने के कारण इनका नाम 'कथोड़ी' पड़ा। अतः कत्था निर्माण के कारण विकल्प B सही उत्तर है।
46
कथोड़ी जनजाति के खान-पान, रहन-सहन एवं सामाजिक नियमों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. कथोड़ी जनजाति के झोपड़े को 'खोलरा' कहा जाता है तथा इनके मुखिया को 'नामक' कहते हैं। B. कथोड़ी समाज में दूध का सेवन पूर्णतः निषिद्ध (वर्जित) माना जाता है। C. इस जनजाति में पुरुष एवं महिलाएँ दोनों एक साथ बैठकर मदिरा (शराब) का सेवन करते हैं। D. कथोड़ी महिलाएँ मराठी अंदाज में 'फड़का' साड़ी पहनती हैं तथा शरीर पर गोदना (टैटू) गुदवाती हैं, परंतु गहने नहीं पहनतीं।
(A) केवल A और B
(B) केवल B और C
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
दिए गए सभी चारों कथन पूर्णतः सत्य हैं। कथोड़ी जनजाति के झोपड़े 'खोलरा' एवं मुखिया 'नामक' कहलाते हैं। इनमें दूध पीना मना है तथा शराब का सेवन महिला व पुरुष साथ मिलकर करते हैं। महिलाएँ गहने नहीं पहनतीं पर गोदना गुदवाती हैं तथा 4.5 गज की मराठी साड़ी (फड़का) पहनती हैं। अतः विकल्प D सही उत्तर है।
47
कथोड़ी जनजाति के मुख्य आराध्य देवी-देवताओं में कौन सम्मिलित नहीं है?
(A) डूंगर देवता
(B) भारी माता
(C) कंसारी माता
(D) सिकोदरी माता
📝 व्याख्या (Explanation)
कथोड़ी जनजाति डूंगर देवता, भारी माता तथा कंसारी माता (अन्न की देवी) को अपने प्रमुख देवी-देवता के रूप में पूजती है। विकल्प D में दी गई 'सिकोदरी माता' सांसी जनजाति की कुलदेवी हैं, कथोड़ी जनजाति की नहीं। अतः विकल्प D सही उत्तर है।
48
राजस्थान में मुख्य रूप से भरतपुर एवं अजमेर जिलों में निवास करने वाली 'सांसी' जनजाति को भारतीय संविधान के तहत किस प्रशासनिक श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है?
(A) अनुसूचित जनजाति (ST)
(B) अनुसूचित जाति (SC)
(C) अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
(D) विशेष पिछड़ा वर्ग (MBC)
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में 'सांसी' जनजाति को अन्य जनजातियों की भांति अनुसूचित जनजाति (ST) में न रखकर राज्य की 'अनुसूचित जाति' (SC) की आधिकारिक सूची में वर्गीकृत किया गया है। यह भरतपुर, अजमेर, जयपुर एवं अलवर क्षेत्रों में संकेंद्रित है। अतः संवैधानिक श्रेणी हेतु विकल्प B (अनुसूचित जाति - SC) सही उत्तर है।
49
सांसी जनजाति की सामाजिक व्यवस्था, उप-समूहों तथा प्रथाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. सांसी जनजाति दो मुख्य सामाजिक उप-समूहों में विभाजित है- 1. माला (Mala) एवं 2. बीजा (Bija)। B. सांसी जनजाति के मुख्य लोकदेवता 'भाकर बावजी' हैं, जिनकी शपथ लेकर ये लोग कभी झूठ नहीं बोलते। C. सांसी समाज की बस्तियों को 'टांडा' के नाम से जाना जाता है। D. इस जनजाति में विवाह के समय नववधू के पवित्रता की परीक्षा लेने हेतु 'कूकड़ी' (कुकड़ी) रस्म निभाई जाती है।
(A) केवल A और B
(B) केवल B, C और D
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
दिए गए चारों कथन सांसी जनजाति के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। सांसी दो वर्गों 'माला' व 'बीजा' में विभक्त हैं। इनके देवता भाकर बावजी हैं जिनकी कसम झूठी नहीं खाते। इनकी बस्तियाँ 'टांडा' कहलाती हैं तथा विवाह के उपरांत लड़की के चारित्रिक शुचिता की परीक्षा देने की प्रथा 'कूकड़ी रस्म' कहलाती है। अतः विकल्प D सही उत्तर है।
50
सांसी समाज में विधवा पुनर्विवाह के संबंध में कौन सा कथन सत्य है?
(A) विधवा पुनर्विवाह अत्यधिक लोकप्रिय एवं अनिवार्य है।
(B) सांसी समाज में विधवा पुनर्विवाह का प्रचलन नहीं है।
(C) विधवा पुनर्विवाह केवल राजा की आज्ञा से होता है।
(D) केवल देवर से ही विवाह की अनुमति होती है।
📝 व्याख्या (Explanation)
सांसी समाज एक कठोर परंपरावादी समाज है जिसमें विधवा पुनर्विवाह (Widow remarriage) लोकप्रिय नहीं है अथवा मान्य नहीं होता है। इसके अलावा इनमें समगोत्र विवाह भी वर्जित है तथा विवादों का निपटारा कबीले की पंचायत द्वारा किया जाता है। अतः विकल्प B सही उत्तर है।
51
राजस्थान जनजातीय क्षेत्रीय विकास सहकारी संघ (राजस - RAJAS) की स्थापना किस वर्ष की गई थी तथा इसका मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(A) 27 मार्च 1976 - उदयपुर
(B) 2 जनवरी 1964 - जयपुर
(C) 15 अगस्त 1980 - बांसवाड़ा
(D) 26 जनवरी 1995 - डूंगरपुर
📝 व्याख्या (Explanation)
जनजातीय क्षेत्रों में आदिवासियों को साहूकारों के शोषण से बचाने, उनकी कृषि एवं वन उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा उपभोक्ता वस्तुएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'राजस' (RAJAS) की स्थापना 27 मार्च 1976 को की गई थी और इसका मुख्यालय उदयपुर में स्थित है। विकल्प B (2 जनवरी 1964) माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना तिथि है। अतः राजस हेतु विकल्प A सही उत्तर है।
52
जनजातीय विकास, शोध एवं प्रशिक्षण के लिए समर्पित 'माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान' कहाँ स्थित है?
(A) जयपुर
(B) उदयपुर
(C) जोधपुर
(D) कोटा
📝 व्याख्या (Explanation)
राजस्थान सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति के संरक्षण, अनुसंधान, सर्वेक्षण तथा अधिकारियों/जनजातीय प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु 2 जनवरी 1964 को 'माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान' की स्थापना उदयपुर जिले में की गई थी। विकल्प A, C और D राज्य के अन्य प्रमुख शहर हैं, परंतु यह शोध संस्थान उदयपुर में ही स्थापित है। सही उत्तर विकल्प B है।
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राजस्थान में जनजातीय कल्याण हेतु संचालित राज्य स्तरीय योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना' के तहत मेधावी जनजातीय छात्राओं को निःशुल्क स्कूटी प्रदान की जाती है। B. 'सीएम लाडो प्रोत्साहन योजना' के अंतर्गत एसटी बालिकाओं को जन्म से कक्षा 12वीं तक कुल 1,50,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। C. 'महिला उद्यमिता योजना' के तहत अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को स्व-रोजगार हेतु 5 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करने का प्रावधान है। D. जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुधार हेतु 'TB मुक्त बांसवाड़ा' अभियान एवं सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
(A) केवल A और B
(B) केवल B, C और D
(C) केवल A, C और D
(D) A, B, C एवं D सभी
📝 व्याख्या (Explanation)
दिए गए सभी चारों कथन सत्य हैं। कालीबाई स्कूटी योजना छात्राओं हेतु है, सीएम लाडो योजना (पूर्व राजश्री) में ₹1.5 लाख सहायता दी जाती है, महिला उद्यमिता योजना में ₹5 लाख तक का ऋण मिलता है तथा बांसवाड़ा में TB उन्मूलन अभियान एवं सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। अतः विकल्प D सही उत्तर है।
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राजस्थान सरकार द्वारा बजट 2025-26 एवं विभिन्न राज्य विकास कार्यक्रमों को उनके वित्तीय आवंटन/उद्देश्य से सुमेलित कीजिए: सूची-I: सूची-I: A. बाबासाहेब अंबेडकर एकीकृत ग्राम विकास योजना B. आयुष्मान मॉडल स्वास्थ्य केंद्र C. क्षेत्रीय विकास योजनाएं (डांग, मगरा, मेवात) D. अनुसूचित जनजाति विकास कोष (STDF) सूची-II: 1. प्रत्येक क्षेत्रीय विकास योजना हेतु ₹50 करोड़ का प्रावधान 2. जनजातीय बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे हेतु ₹200 करोड़ 3. राज्य बजट का 14.82% आवंटन एवं ₹1500 करोड़ का आरक्षित फंड 4. आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु ₹125 करोड़
(A) A-2, B-4, C-1, D-3
(B) A-4, B-2, C-3, D-1
(C) A-2, B-1, C-4, D-3
(D) A-3, B-4, C-1, D-2
📝 व्याख्या (Explanation)
राज्य बजट एवं कल्याणकारी कोष के प्रावधान इस प्रकार हैं: बाबासाहेब अंबेडकर एकीकृत ग्राम विकास योजना हेतु ₹200 करोड़, आयुष्मान मॉडल स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ₹125 करोड़, डांग, मगरा व मेवात क्षेत्रीय विकास योजनाओं के लिए प्रत्येक हेतु ₹50 करोड़ तथा अनुसूचित जनजाति विकास कोष (STDF) के तहत राज्य बजट का 14.82% हिस्सा एवं ₹1500 करोड़ का फंड निर्धारित है। अतः सही मिलान A-2, B-4, C-1, D-3 (विकल्प A) है।
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद एवं अनुसूची के तहत राज्य में 'जनजातीय सलाहकार परिषद' (Tribal Advisory Council - TAC) के गठन का प्रावधान किया गया है?
(A) पाँचवीं अनुसूची - अनुच्छेद 244 (1)
(B) छठी अनुसूची - अनुच्छेद 275 (1)
(C) ग्यारहवीं अनुसूची - अनुच्छेद 243 (G)
(D) नौवीं अनुसूची - अनुच्छेद 31 (B)
📝 व्याख्या (Explanation)
भारतीय संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अनुच्छेद 244 (1) के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों वाले राज्यों में 'जनजातीय सलाहकार परिषद' (TAC) की स्थापना का प्रावधान है। यह परिषद जनजातियों के कल्याण, भूमि संरक्षण तथा सामाजिक विकास से जुड़े मामलों पर राज्य सरकार एवं राज्यपाल को सलाह देने का कार्य करती है। विकल्प B छठी अनुसूची पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम) से संबंधित है। विकल्प C पंचायती राज से संबंधित है। अतः सही उत्तर विकल्प A है।
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